
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने फरीदाबाद नगर निगम के मेयर व वार्ड पार्षदों के संपन्न हुए चुनाव में चुनावी ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बैलेट पेपर जारी न कर उन्हें उनके वोट डालने से वंचित करने के कृत्य की निंदा की और इसे संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है।
श्री लांबा ने राज्य चुनाव आयुक्त से इस सारे प्रकरण की जांच करने की मांग करते हुए इसके जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने और वोट से वंचित किए गए कर्मचारियों के वोट डलवाने के बाद ही मतगणना करवाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के कथन अनुसार मांगने के बावजूद चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को मतदान के लिए बेलेट पेपर उपलब्ध नहीं करवाए गए। उन्होंने बताया कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने अपने क्षेत्रों से बाहर चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों एवं अधिकारियों को समय पर बेलेट पेपर दिए थे और उन्होंने अपने मत का प्रयोग किया था तथा अपने क्षेत्रों में ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों ने अपने मत का प्रयोग किया था। लेकिन अबकी बार लगातार मांग करने के बावजूद बेलेट पेपर नहीं दिए गए। जिसके कारण चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों की संख्या 100 से लेकर 150 तक हो सकती है और यह वोट कई वार्डों में चुनाव परिणाम को बदल सकते थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में बेलेट वोट में कांग्रेस को 70 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्र में बढ़त मिली थी। शायद इसी वजह से फरीदाबाद नगर निगम चुनाव में कर्मचारियों को वोट से ही वंचित कर दिया गया है। जिसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह व सचिव युद्धवीर सिंह खत्री ने कहा कि सोमवार को कर्मचारियों को वोट से वंचित करने की लिखित शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी को की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की जाएगी। अगर हमारी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो जिला कार्यकारिणी की मीटिंग आयोजित कर अगला फैसला किया जाएगा।
