
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड हरियाणा राज्य शाखा, फरीदाबाद के कार्यालय परिसर में संस्था के प्रबंधन और संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच हुई विस्तृत बैठक में आपसी सहमति से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समझौता हुआ। इस बैठक में संस्था की कार्यप्रणाली, सदस्यता, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा अन्य लंबित मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
संघर्ष समिति के संयोजक हरिंदर कुमार मलिक ने बताया कि संस्था की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गुप्ता द्वारा दिखाए गए सकारात्मक, संवेदनशील और रचनात्मक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संघर्ष समिति ने अपने चल रहे आंदोलन/धरने को 31, मार्च -2026 तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि बैठक में उठाए गए अधिकांश मुद्दों और मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है तथा उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया गया है। संस्था में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए कई प्रशासनिक कदम भी तय किए गए हैं।
श्री मलिक ने स्पष्ट कहा कि संस्था के महासचिव के कार्यकलापों और कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों के बीच गंभीर असंतोष और कई शिकायतें सामने आई थीं, जिसके कारण संस्था का वातावरण प्रभावित हुआ और आंदोलन की स्थिति बनी। इस संबंध में यह सहमति बनी है कि संस्था के सभी खातों एवं प्रशासनिक कार्यों का स्वतंत्र विशेषज्ञों की टीम द्वारा ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ऑडिट प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक महासचिव को संस्था के कार्यों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे संस्था के कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संचालित हो सकें।
संघर्ष समिति ने अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गुप्ता के नेतृत्व और सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में संस्था में पारदर्शिता, अनुशासन और सुशासन को और मजबूत किया जाएगा तथा दृष्टिबाधित व्यक्तियों और लाभार्थियों के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा होगी।
संघर्ष समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 31 मार्च 2026 तक बैठक में हुए निर्णयों और सहमतियों को पूर्ण रूप से लागू किया जाता है, तो संस्था में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। अन्यथा समिति 01 अप्रैल 2026 से अपना आंदोलन पुन: प्रारंभ करने के लिए बाध्य होगी।
