
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जिला रैडक्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा संचालित अन्नदान- महादान मुहिम के तहत विक्रम सिंह उपायुक्त एवम अध्यक्ष जिला रैड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद के मार्गदर्शन मे एवं सचिव बिजेंद्र सोरोत की नेतृत्व में दीपावली पर्व के मौके पर रैडक्रॉस भवन सेक्टर-12 फरीदाबाद मे जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर तपेदिक के 100 मरीजों को विशेष पोषाहार वितरण कार्यक्रम आयोजन किया |
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे उप सिविल सर्जन फरीदाबाद एवं जिला तपेदिक अधिकारी डॉ हरजिंदर सिंह ने शिरकत की। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि द्वारा टी बी के मरीजों को पोषाहार वितरण करते हुए अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री मंत्री जी का सपना है कि वर्ष 2025 तक भारतवर्ष को टीबी मुक्त बनाना है तथा सभी प्रधानमंत्री जी के सपने को सभी समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से ही पूर्ण किया जा सकता है। अतः इस मुहिम को सार्थक करते हुए फरीदाबाद की स्वयंसेवी संस्था अहम भूमिका निभा रही है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जगदीश सहदेव, संरक्षक रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद ने शिरकत की उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और तपेदिक मरीजों को दीपावली की शुभकामनाएं दी और अपने संबोधन में रोगियों से अपील करते हुए कहा कि तपेदिक के रोगी को दवाइयों का नियमित सेवन करना जरूरी है जिससे कि बीमारी से छुटकारा पाया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब भी जिला रेडक्रॉस सोसायटी, फरीदाबाद समाज हित में ऐसे कार्यक्रम करेगी तो वे अपना पूर्ण सहयोग देंगे |
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ एम पी सिंह द्वारा जिला रैड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा संचालित इस मुहिम को सार्थक बताते हुए तपेदिक के रोगियों से अपील करते हुए कहा कि तपेदिक रोग लाइलाज नहीं है यदि इसकी पूरी दवाइयों का सेवन पूर्ण रूप से किया जाए । उन्होंने सभी मरीजों को पूर्ण आहार लेने की अपील की |
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव बिजेन्द्र सौरोत ने अपने संबोधन में बताया कि तपेदिक की बीमारी खतरनाक जरूर है, परन्तु लाइलाज नहीं है इस बीमारी का सफल इलाज यही है कि दवाई के साथ-साथ पौष्टिक आहार ले और समय-समय पर अपनी जांच कराए। उन्होंने बीमारी से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग एक खतरनाक संक्रामक रोग है सही समय पर इसका ईलाज नहीं होने पर यह जानलेवा हो सकती है। इसलिए अपने आप को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाने के लिए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। जिससे आप खुद व अपने परिवार को इस जानलेवा रोग की चपेट में आने से बचा सकें।
प्रताप सिंह, सेवानिवृत्त अधीक्षक के द्वारा तपेदिक मरीजों को बताया कि तपेदिक के लक्षणों की पहचान करके तत्काल प्रभाव से इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी तपेदिक रोगियों को विशेष पोषाहार लेने पर बल दिया तथा खाने में उन फल और सब्जियों को शामिल करें जो कि आपको अंदर से सेहतमंद रखें और शरीर की ताकत बढ़ाए।
पुरषोत्तम सैनी , कार्यक्रम संयोजक, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा मंच का संचालन करते हुए सभी तपेदिक रोगियों को माननीय प्रधानमंत्री के सपने के अनुसार वर्ष 2025 तक देश को टी बी मुक्त बनाने के लिए सभी उपस्थित तपेदिक रोगियों को शपथ दिलवाई तथा बीमारी से बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि तपेदिक कि बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लडऩे में लहसुन कारगार होता है, रोगाणुरोधी गुण से भरपूर लहसुन, प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा दे सकता है, पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो तपेदिक से प्रभावित ऊतकों के उपचार में मददगार साबित हो सकते हैं इसी के साथ आंवला भी लेना चाहिए आंवले में जीवाणुरोधी गुण होते हैं।
कुमारी मधु भाटिया के द्वारा बताया गया कि टी बी प्रोजेक्ट में कार्यरत स्वयंसेवक समय-समय पर तपेदिक रोगियों को परामर्श देते है तथा उनको दवाइयों का निरंतर सेवन करने बारे में पूर्ण जानकारी रखते हैं।
इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग से डॉ धर्मवीर, टी बी समन्वयक साधना, सुमित, युवराज, सुशील, रामबरन यादव, राजेश कुमार, अशोक कुमार, अजय देव, रामकिशोर, बृजमोहन शर्मा, प्रेम, रानी, परवीन व अन्य रेडक्रॉस स्टाफ ने पूर्ण सहयोग दिया।
