
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नई दिल्ली :— डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) का 20वें स्थापना दिवस समारोह का भारत मंडपम में आयोजिन किया गया। इस मौके पर रंगारंग समारोह का आयोजन किया गया। इसके साथ बेहतरीन काम करने वाले कई कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार एवं सदस्य (टैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) आर राजगोपाल उपस्थित रहें। इनके अलावा डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कुमार, निदेशक (ऑपरेशंस एंड बिज़नेस डेवलपमेंट) श्री शोभित भटनागर, निदेशक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) श्री अनुराग शर्मा, निदेशक (वित्त) श्री राहुल कपूर, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री प्रमोद कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं हितधारक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वहीं,
इस अवसर पर श्री सतीश कुमार कुमार ने कहा कि “डीएफसीसीआईएल ने अपने दो दशकों के सफल सफर में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, दक्षता और पारदर्शिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह संस्था आज लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही है।”
परिचालन दक्षता: नई ऊंचाइयों की ओर
वर्ष 2024–25 के दौरान डीएफसीसीआईएल ने उत्कृष्ट परिचालन दक्षता का प्रदर्शन करते हुए प्रतिदिन औसतन 381 से अधिक मालगाड़ियों का संचालन किया। समीक्षा अवधि में 1,39,302 ट्रेनों का सफल संचालन हुआ — जो संगठन की बढ़ती विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।
समीक्षा अवधि में ग्रॉस टन प्रति किलोमीटर (GTKM) 2,00,2271 मिलियन और नेट टन प्रति किलोमीटर (NTKM) 1,14,979 मिलियन तक पहुँचा, जो नेटवर्क की उत्पादकता में सतत वृद्धि को रेखांकित करता है।
भारतीय रेल ने डीएफसीसीआईएल मार्ग पर देश की सबसे लंबी मालगाड़ी “रुद्रास्त्र” का सफल संचालन किया — 4.5 किलोमीटर लंबी, 354 वैगन और 7 लोकोमोटिव वाली यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत के रेल माल परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय है।
व्यवसाय विकास और कनेक्टिविटी विस्तार
डीएफसीसीआईएल ने वर्ष के दौरान गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों (GCTs) और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब्स (MMLH) के माध्यम से कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मार्च 2025 में गोथंगम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल का शुभारंभ हुआ, जबकि न्यू दाऊद खान और न्यू अंकलेश्वर (न्यू संजलि के निकट) स्थित टर्मिनल भी संचालन के लिए तैयार किए गए। “ट्रक ऑन ट्रेन” और “हाई-स्पीड स्मॉल कार्गो सर्विस” जैसी पहलें फर्स्ट एंड लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सशक्त बना रही हैं, जिससे रेल आधारित मोडल शिफ्ट को नई गति मिली है।
इसके साथ ही डीएफसीसीआईएल और डीएमआईसी–आईआईटी–जीएनएल के बीच हुए समझौते के तहत न्यू दादरी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) की स्थापना औद्योगिक संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देगी। इन पहलों ने भारत के लॉजिस्टिक्स परिदृश्य को अधिक एकीकृत, कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रगति और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता
बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में डीएफसीसीआईएल ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।
वर्ष के दौरान 37 रोड ओवर ब्रिज (ROBs), 50 रोड फ्लाईओवर (RFOs) और 544 रोड अंडर ब्रिज (RUBs) का निर्माण पूरा हुआ। कलंबोली रेल फ्लाईओवर, जो 110.5 मीटर लंबे ओपन वेब स्टील गर्डर के साथ अब तक का सबसे लंबा ढांचा है, डीएफसीसीआईएल की इंजीनियरिंग दक्षता और तकनीकी उत्कृष्टता का सशक्त उदाहरण है। वहीं, कुंडेवाल सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू परियोजना के समयबद्ध निष्पादन और इंजीनियरिंग क्षमता का परिचायक है।
तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग
डीएफसीसीआईएल भारतीय रेल क्षेत्र में अनेक “पहली बार अपनाई गई नवोन्मेषी तकनीकों” के कार्यान्वयन में अग्रणी रहा है। इनमें प्रमुख हैं —
मशीन विज़न इंस्पेक्शन सिस्टम (MVIS), हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर (HABD), व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर (WILD), टॉप-ऑफ-रेल लुब्रिकेशन सिस्टम, ब्रोकन रेल डिटेक्शन सिस्टम, DFIS, ड्रोन आधारित निरीक्षण प्रणाली, रेल ग्राइंडिंग मशीन (RGM) और ट्रैक रिकॉर्डिंग कार (TRC)।
इन तकनीकों ने डीएफसीसीआईएल नेटवर्क को स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल माल परिवहन प्रणाली में रूपांतरित किया है — जो “लॉजिस्टिक्स में नई शक्ति – डीएफसीसीआईएल” की भावना को साकार करता है।
जून 2025 में भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल हेवी हॉल सेमिनार 2025 में सात हेवी हॉल रेल देशों के विशेषज्ञों की सहभागिता ने भारतीय रेल और डीएफसीसीआईएल की वैश्विक पहचान को नई मजबूती प्रदान की।
साथ ही, डीएफसीसीआईएल ने गति शक्ति विश्वविद्यालय, आईआईटी रुड़की, LORAM, Plasser, L2M (IISc बेंगलुरु) और मोनाश यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) के साथ शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग समझौते किए — जिससे लॉजिस्टिक्स अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी आधुनिकीकरण को नई दिशा मिली है।
संगठनात्मक और हरित पहलें
संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में डीएफसीसीआईएल ने फरवरी 2025 में नोएडा सेक्टर-145 स्थित नए कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन किया, जिससे प्रबंधन प्रणाली को केंद्रीकृत और आधुनिक स्वरूप मिला।
साथ ही, हरित पहलों के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास को बढ़ावा देने वाले कदम उठाए गए हैं।
लॉजिस्टिक्स क्रांति की दिशा में डीएफसीसीआईएल का योगदान
भारत की कुल लॉजिस्टिक्स लागत लगभग ₹24 लाख करोड़ आंकी गई है। डीएफसीसीआईएल के परिवर्तनकारी प्रभाव से यह लागत जीडीपी के 14% से घटकर लगभग 8-9% तक आने में सहायक रही है। यह केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने वाला राष्ट्रीय मिशन है।
आँकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि समर्पित माल गलियारे (Dedicated Freight Corridors) भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं। डीएफसीसीआईएल द्वारा विकसित यह नेटवर्क किफायती, सक्षम और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली को साकार कर रहा है।
प्रति टन-किलोमीटर परिवहन लागत की तुलना:
यह आँकड़े इस तथ्य को पुष्ट करते हैं कि डीएफसीसीआईएल भारत को कम लागत, उच्च दक्षता और हरित लॉजिस्टिक्स प्रणाली की दिशा में अग्रसर कर रहा है।
भविष्य की दिशा
गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों के माध्यम से डीएफसीसीआईएल स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ते हुए भारत के लॉजिस्टिक्स कॉस्ट टू जीडीपी अनुपात में सुधार और कुशल आपूर्ति तंत्र के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।
शानदार संध्या का समापन प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक और परफ़ॉर्मर शान के मनमोहक संगीत प्रदर्शन के साथ हुआ।
डीएफसीसीआईएल का यह स्थापना दिवस केवल दो दशकों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में एक अधिक सक्षम, हरित और डिजिटल भारत की दिशा में सतत प्रगति का संकल्प भी है।
