
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
36वें सूरजकुंड अन्तर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में हरियाणा के सूचना, लोकसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा डिजीटल प्रदर्शनी के माध्यम से पर्यटकों को हरियाण की अभूतपूर्व उन्नती एवं बढ़ते हरियाणा की तस्वीर प्रस्तुत की गई है। इसमें सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदम भी अवगत करवाया जा रहा है। प्रदर्शनी में अंत्योदय परिवारों को चिरायु हरियाणा योजना के तहत पांच लाख रुपए तक वार्षिक स्वास्थ्य बीमा की सुविधा को भी प्रदर्शित किया गया है।
इस प्रदर्शनी में हरियाणा प्रदेश के गठन से लेकर 2021 तक की जीडीपी, प्रत्येक व्यक्ति आय तथा साक्षरता की तुलनात्मक दर को प्रदर्शित किया गया है। डिजीटल पैनल के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए लिए गए फैसलों को भी दर्शाया गया है। हरियाणा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 14 फसलों खरीद करने वाला देश का पहला राज्य है। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों की फसलों की खरीद का भुगतान 72 घंटे में सीधा किसानों के खाते में किया जा रहा है।
सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में लिए गए अनेक फैसले भी प्रदर्शनी में दिखाए गए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ से प्रदेश का लिंगानुपात सुधरकर 913 तक पहुंचा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर-1091 सेवा शुरू तथा महिला पुलिस थाने भी स्थापित किए गए हैं। महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व को भी प्रदर्शनी में दिखाया गया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा अंत्योदय परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए चिरायु हरियाणा योजना के तहत इन परिवारों को 1500 हैल्थ पैकेज के तहत पांच लाख रुपए तक मुफ्त ईलाज की सुविधा दी गई है। प्रदेश में एक लाख 80 हजार रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को अच्छे उपचार की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई रीत शुरू की गई है। पदम विजेता खिलाडिय़ों को हरियाणा सरकार देश में सर्वाधिक नकद पुरस्कार के अलावा उत्कृष्टï खिलाडिय़ों के लिए रोजगार भी सुनिश्चित किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा जल संरक्षण की दिशा में की गई नई पहल को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया है। इस नई पहल के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रत्येक बूंद-ज्यादा उत्पादन की अवधारणा के तहत सूक्ष्म सिंचाई पद्घतियों पर हरियाणा सरकार द्वारा दिए जा रहे 85 प्रतिशत अनुदान को भी प्रदर्शित किया गया है।
