
सम्मेलन का पोस्टर
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद अंतर्राष्ट्रीय भौतिक विज्ञान अकादमी के 30वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सतत विकास की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति विषय पर होने वाले इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 28 व 29 फरवरी, 2024 को किया जायेगा।
सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों से शिक्षाविद, शोधकर्ता, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ सहित लगभग 250 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना है जो सम्मेलन के विषय पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करेंगे।
सम्मेलन का शुभारंभ 28 फरवरी, 2024 को होगा जिसके बाद पूर्ण और तकनीकी सत्र होंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के पूर्व कुलपति प्रो. बी.एस. राजपूत उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि होंगे तथा प्रो. सुजीत के. बोस, एस.एन. बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज, कोलकाता, सम्मानित अतिथि होंगे।
उद्घाटन सत्र के दौरान आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर पीयूष चंद्रा मुख्य वक्ता रहेंगे। सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर सुशील कुमार तोमर करेंगे। समापन सत्र में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ की प्रोफेसर सुनीता श्रीवास्तव मुख्य अतिथि होंगी। जापान के रित्सुमीकन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तोशिफुमी दोही सम्मानित अतिथि होंगे।
कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय भौतिक विज्ञान अकादमी के 30वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सतत विकास पर ध्यान देने के साथ, यह सम्मेलन महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों की समझ को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन के बारे में विस्तार से बताते हुए सम्मेलन संयोजक प्रोफेसर मनीषा गर्ग ने बताया कि सम्मेलन के दौरान 10 तकनीकी सत्र और चार पूर्ण सत्र होंगे, जिसमें देश भर से आने वाले लगभग 200 शोधकर्ताओं के लगभग 160 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी विकास पर चर्चा करने के लिए एक गतिशील मंच साबित होगा, जिसमें सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने पर बल दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम तेजी से विकसित हो रही दुनिया में सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने पर केन्द्रित होगा। सम्मेलन प्रतिभागियों को स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सतत विकास से संबंधित विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति पर चर्चा करने और संभावनाएं तलाशने के लिए मंच प्रदान करेगा।
