
‘जी20 भारत’ विषय राष्ट्रीय सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन करते हुए कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर एवं अन्य
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से ‘जी20 भारतः वसुधैव कुटुंबकम – सतत विकास के प्रयास और चुनौति’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन समापन हो गया।
समापन सत्र में, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस, फरीदाबाद के सीईओ श्री सुभाष जगोटा सम्मानित अतिथि तथा हरियाणा नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के संस्थापक एवं पूर्व कुलपति प्रो. एम. एम. गोयल मुख्य वक्ता रहे। सत्र की अध्यक्षता जे सी बोस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुशील कुमार तोमर ने की।
सत्र की शुरूआत में प्रबंधन अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. रचना अग्रवाल ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आयोजक समिति के प्रयासों पर प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने दो दिवसीय सम्मेलन के सफल संचालन के लिए विभाग की सराहना की तथा भारत के लिए जी20 के महत्व को लेकर चर्चा की।
मुख्य अतिथि प्रो चक्रवाल ने सतत विकास क्या है और इसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है, विषय पर विस्तार से बताया। उन्होंने शोधकर्ताओं के लिए इस प्रकार का सम्मेलन आयोजित करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों को सराहनीय बताया।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री सुभाष जगोटा ने युवा शक्ति और वरिष्ठ-जनों के ज्ञान के गठजोड़ की आवश्यकता पर बल दिया और व्यवसाय प्रबंधन को लेकर जी20 के परिणामों पर चर्चा की। मुख्य वक्ता प्रो. एम. एम. गोयल ने नीडोनॉमिक्स के माध्यम से जी20 पर बल दिया। उन्होंने भारत को ज्ञान साधक अर्थव्यवस्था के रूप में परिभाषित किया और सतत विकास के लिए साधना के महत्व पर बल दिया।
सम्मेलन संयोजक डॉ. रेनू अग्रवाल ने अंत में सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की और सम्मेलन संयोजक डॉ. गुंजन गुम्बर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रबंधन अध्ययन संकाय के डीन प्रो. आशुतोष निगम ने सम्मेलन की सफलता पर आयोजक टीम को बधाई दी। सम्मेलन के दौरान हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, पंजाब, यूपी और बिहार के प्रतिभागियों ने सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत किए तथा छह शोध पत्रों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र के रूप में चुना गया।
