
राष्ट्रीय युवा दिवस पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर तथा मुख्य वक्ता प्रो. प्रमोद कुमार दुबे
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया तथा इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विवेकानंद मंच तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के जीवन और सिद्धांतों पर एक व्याख्यान सत्र का आयोजन किया ।
एनसीईआरटी के भाषा शिक्षा विभाग से पूर्व प्रोफेसर प्रमोद कुमार दुबे सत्र में मुख्य वक्ता थे। सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने की। सत्र की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित से हुई। निदेशक युवा मामले प्रो. प्रदीप कुमार डिमरी ने अतिथियों का स्वागत किया और राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता के बारे में बताया। इस अवसर पर आईआईसी के अध्यक्ष डॉ. संजीव गोयल, फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. ज्योत्सना चावला, संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह मलिक भी उपस्थित थे।
सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर जोर दिया और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने छात्रों को अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों का अनुसरण करने का आह्वान किया। उन्होंने सतत जीवन के लिए पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझाया। प्रो. तोमर ने पर्यावरण संरक्षण को धरती माता की महान सेवा बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस पर विद्यार्थियों को समाज से गंदगी और प्रदूषण को खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए।
अपने मुख्य भाषण में प्रो. दुबे ने 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने एक समग्र एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विज्ञान और अध्यात्म के बीच के अंतर को खत्म करने का प्रयास किया। उन्होंने छात्रों से विवेकानंद के जीवन और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रेरणा लेकर सदियों पुराने विज्ञानमूलक विचारों को समझने और प्रगति की राह पर चलने का आह्वान किया।
