
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन अग्रवाल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कृष्ण कांत गुप्ता जी की सद्प्रेरणा से हुआ। कार्यशाला का विषय-“अनुसंधान क्रियाविधि” रहा।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सुमन गर्ग, सहायक प्रोफेसर (डीएवी शताब्दी कॉलेज फरीदाबाद) ने बेहद ज्ञानवर्धक वसारगर्भित वक्तव्य दिया। इस प्रोग्राम में महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के विद्यार्थीयों ने भाग लिया। कार्यशाला की संयोजक डॉ रेखा सेन ने विद्यार्थियों को मुख्य वक्ता डॉ. सुमन गर्ग का संक्षेप परिचय दिया।
मुख्य वक्ता डॉ सुमन गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि शोध पत्र लेखन के क्रम में तथ्य एवं विचारों के अन्तर को ध्यान में रखना होता है। तथ्य को हम सत्य की तरह स्वीकार कर लेते हैं, इन्हें सिद्ध करने के लिए प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है। शोध प्रपत्र में अनेक विचारधाराओं तथा निरीक्षणों को प्रस्तुत किया जाता है, इसमें किसी प्रकार की आशंका होने पर पुष्टि की जा सकती है। डॉ. सुमन ने शोध पत्र लिखने के छह सरल चरण बताते हुए कहा कि सर्वप्रथम शोध लेख लिखने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अपने विषय पर शोध कीजिये।
विषय का विशेषज्ञ बनने के लिए इंटरनेट, शैक्षिक डेटाबेस और पुस्तकालय का उपयोग करके तथ्यों को जुटाइये और शॉर्ट नोट्स लीजिये। उस विषय में खुद को तल्लीन कर लीजिये और एक निश्चित क्रम से आगे बढ़ते जाइए। अंत में विद्यार्थियों ने सेमिनार के विषय से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, सभी जिज्ञासाओं का मुख्य वक्ता ने समाधान किया।सुश्री पूजा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला समाप्त हुई।
कार्यशाला में वाणिज्य विभाग केशिक्षकडॉ. शोभना गोयल, डॉ. डिंपल, सुश्री प्रीति अग्रवाल, श्री पंकज, सुश्री नेहा एवं सुश्री प्रियंका भी उपस्थित रहे।इस कार्यशाला में कुल 112 स्नातकोत्तर /स्नातक विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अध्यापकों ने भाग लिया।
