
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
गैस्ट टीचर्स ने राजरानी के 42वें जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर लगा और जरूरतमंद लोगों के लिए भण्डारे का आयोजन कर उनके बलिदान को याद किया। विदित हो कि 7 सितम्बर, 2008 को गैस्ट टीचर्स के रोहतक आन्दोलन के दौरान अध्यापिका राजरानी को गोली लगने से अधिक रक्त का रिसाव हो गया और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। राजरानी जींद जिले के पिल्लू खेड़ा गांव की निवासी थी, जोकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सामला कलां में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत थी। जिनके पिता रणवीर कुण्डू भी अध्यापक हैं।
अतिथि अध्यापक पिछले 17 वर्षों से अपने रोजगार को बचाने की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। जिला प्रधान रघु वत्स ने बताया कि राजरानी के बलिदान और अतिथि अध्यापकों का संघर्ष ही है जो आज-तक अतिथि शिक्षकाें का रोजगार बचा हुआ है अन्यथा सरकरों ने तो अतिथि अध्यापकों का लगातार शोसन ही किया है। हम राजरानी के बलिदान को कभी भुला नहीं सकते। इस बलिदान को हम किसी न किसी रूप में याद करते रहेंगे। यह लड़ाई अन्तिम पड़ाव तक जारी रहेगी।
अतिथि अध्यापक 2005 में नियुक्ति के बाद से अपने रोजगार की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। गैस्ट टीचर्स को लगातार आन्दोलनरत रहने के कारण 27 फरवरी, 2019 को वर्तमान प्रदेश सरकार ने “गैस्ट टीचर्स सेवा सुरक्षा एक्ट” को तो बना दिया लेकिन आज तक उस सर्विस एक्ट की किसी सुविधा का गैस्ट टीचर्स पर लागू नहीं किया गया अर्थात् एक्ट बनने के बावजूद एक्ट को आज तक अमल में नहीं लाया गया। अतिथि अध्यापक लगातार मांग कर रहे हैं कि उन्हें विभाग में कार्य करते हुए 17 वर्ष हो गए हैं। अत: उन्हें भी नियमित अध्यापकों की भांति सुविधाएं प्रदान की जाएं। जिससे कि उनके प्रति आम जन में समानता का भाव बन सके। गैस्ट टीचर्स 17 वर्ष सेवा करने के बाद भी अपने आप को ठडा सा महसूस कर रहा है। जब से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में हुई है तब से परीक्षा परिणाम और छात्र संख्या में निरंतर बढ़ौतरी हुई है। राजरानी के बलिदान को याद करते हुए अतिथि शिक्षकों ने जरूरतमंद लोगों के लिए रोटरी क्लब, फरीदाबाद के सौजन्य से 68 यूनिट रक्त एकत्रित किया और उसी के साथ भण्डारा भी लगाया जोकि महादान है। इस महान कार्य की सभी जनों ने प्रशंसा के साथ अतिथि अध्यापकों को उनके अधिकार देने की मांग की।
इस अवसर पर कीर्तन का आयोजन भी किया गया जोकि स्वयं अतिथि अध्यापक विनोद भाटी की टीम के द्वारा किया गया। भण्डारे में सहयोग के लिए उन्हीं के द्वारा पढ़ाए जा रहे पन्हैड़ा खुर्द व ऊंचा गांव आदि विभिन्न विद्यालयों के एनएसएस स्वयं सेवी छात्रों के द्वारा विशेष मदद की गई। सभी अध्यापक संगठनों के पदाधिकारी, शहरी और ग्रामीण सामाजिक संस्था, सरपंच, जिला पार्षद, विधायक, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षा अधिकारी व आम जन इस कार्य में सम्मलित हुए और अतिथि अध्यापकों के इस कार्य की प्रशंसा की।
इस अवसर पर जिला प्रधान रघु वत्स, उपप्रधान विजय पाल नरवाल, महासचिव भागीरथ शास्त्री, ब्लॉक प्रधान ललित शर्मा, सुन्दर भड़ाना, गोपाल शास्त्री, वीरेन्द्र कुमार, ओमपाल शास्त्री, जितेन्द्र चौधरी, राजेश शर्मा, रवि मोहन, राजेश अहलावत, जोगीन्दर हुड्डा, कुलदीप कौशिक, कमल शर्मा, देव दत्त, ज्ञान प्रकाश, राजेन्द्र सिंह, प्रियंका, रणवीर, नीलम शर्मा, प्रवीण कुमारी, स्वराज, सुषमा रानी ने विशेष रूप से उपस्थित रहे।
