
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जिला कांग्रेस कमेटी लीगल सैल के चेयरमैन मनीष वर्मा एडवोकेट ने सांसद दीपेन्द्र हुड्डा का धन्यवाद करते हुए कहा कि सांसद श्री हुड्डा ने हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत (संसद की पटल पर) में बीसी-ए वर्ग की आवाज को बड़ी मजबूती से उठाते हुए कहा बी सी ए वर्ग को उनका अधिकार मिलना चाहिए चाहे वह हरियाणा विधानसभा की बात हो, चाहे हिंदुस्तान की लोकसभा की बात हो, उनको उनके अधिकार मिलने चाहिए। पहली बार दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बी सी ए वर्ग की आवाज को मजबूत करने का काम किया है।
मनीष वर्मा ने कहा कि जिले फरीदाबाद की एक सीट बीसी-ए वर्ग के लिए विधानसभा चुनाव के लिए आरक्षित हो।
मनीष वर्मा ने कहा कि ये एकमात्र देश के ऐसे सांसद हैं जिन्होंने सभी सत्ताधारी पार्टियों को और विपक्ष की पार्टियों को से अनुरोध किया है वह बीसी-ए वर्ग को उनका अधिकार मिलें। हम इस बुलंद आवाज पर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का बहुत-बहुत दिल की गहराइयों से धन्यवाद करते हैं।
मनीष वर्मा ने बताया कि कि जल्दी एक प्रतिनिधि मंडल हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को ज्ञापन सौंपा जाएगा ताकि हरियाणा विधानसभा में भी यह मुद्दा जोर शोर से उठाया जाए।
वकीलों की एक टीम द्वारा जनहित याचिका डालने के लिए भी विचार विमर्श किया जा रहा है।
श्री वर्मा ने कहा कि इस मुद्दे की मजबूती के लिए जल्द ही हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा क्योंकि देश में कई ऐसे वर्ग हैं जिनको उनकी जनसंख्या के अनुपात में विधानसभाओं, लोकसभाओं में प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। इसका कारण ये है कि इनकी बहुसंख्यक आबादी का फैलाव तो बहुत होता है, लेकिन ऐसे लोकसभा, विधानसभा क्षेत्र कम होते हैं जहां ये बहुतायत में हों। इसमें हरियाणा का बीसीए वर्ग भी है जो अधिकतर भूमिहीन पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में है और हुनरमंद व मेहनतकश वर्ग के रूप में जाना जाता है।
देश-प्रदेश के निर्माण में इस वर्ग की अति महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिनमें क्रमश: पारंपरिक शिल्पकार, दस्तकार, कलाकार आदि इस वर्ग में जांगड़ा समाज, प्रजापति कुम्हार समाज, विश्वकर्मा समाज, पांचाल समाज, स्वर्णकार सोनी समाज, सैन समाज, कश्यप समाज, पाल गड़रिया समाज, जोगी समाज, तेली समाज, धोबी समाज, कम्बोज समाज, धीमान समाज, छिम्पा समाज, बैरागी समाज, रोहिल्ला समाज, मनियार समाज आदि वर्ग आते हैं। इस बहुसंख्यक वर्ग को उतना प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, जितनी पूरे देश-प्रदेश में इनकी जनसंख्या है।
