
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
पिछले लगभग साढ़े तीन वर्ष (जुलाई 2020 – अक्तूबर 2023) तक प्राचार्या के कार्यों का पूर्ण लगन से निर्वहन करती आ रही डॉ. सविता भगत सेवानिवृत हो गईं | शताब्दी महाविद्यालय में अपना सफर शुरू करने से पहले उन्होंने डी.ए.वी. महाविद्यालय अमृतसर में एक शिक्षक के रूप में भी कार्य किया | डॉ. भगत ने शताब्दी महाविद्यालय फरीदाबाद को जुलाई वर्ष 1986 से इकोनॉमिक्स के सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवायें देनी शुरू की जब महाविद्यालय की कक्षायें चिमनीबाई धर्मशाला में लगती थीं | महाविद्यालय के निर्माण कार्य मैडम की आँखों के सामने ही हुआ | एक कार्यकारी प्राचार्या के रूप में उन्होंने महाविद्यालय को एक नई ऊर्जा और दिशा दी | उनके प्राचार्या कार्यकाल के दौरान महाविद्यालय ने शिक्षकों व छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए रिकॉर्ड स्तर पर महाविद्यालय, राज्य, राष्ट्रिय व् अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, कांफ्रेंस, वर्कशॉप, शिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन और महाविद्यालय के बहुत से जर्नल्स, मॅगज़ीन्स व् पुस्तकों का प्रकाशन भी करवाया गया | बहुत से स्किल फार्मेशन कोर्सेज को शुरू करवाने के साथ ही जरूरतमंद होनहार छात्रों को स्कॉलरशिप दिलवाने का श्रेय मैडम को जाता है | उनके लगभग सैंतीस वर्ष तक शिक्षण करियर में काफी पड़ाव आये जो आज मील के पत्थर के रूप में महाविद्यालय के सभी शिक्षकों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं |
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सविता भगत ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शताब्दी महाविद्यालय कार्यकारी प्राचार्या के तौर पर उन्होंने महाविद्यालय के सर्वागीण विकास के लिए काफी सारे कार्य शुरू किये और समय रहते उनको पूर्ण भी कराया | महाविद्यालय के बहुत सारे छात्रों को राष्ट्रिय व् अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में प्लेसमेंट मिला | इंडिया टुडे एम.डी.आर.ए. सर्वे 2023 की हालिया जारी रैकिंग में महाविद्यालय ने अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार करके अपनी रैंकिंग को बेहतर किया | पिछले वर्ष में महाविद्यालय ने सभागार को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल पोडियम, बड़ी एल.इ.डी. स्क्रीन्स, ऑडियो पोडियम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग फैसिलिटी जैसी सुविधाओं से युक्त किया | लाइब्रेरी को पूरे तरीके से ऑटोमेटेड करने का कार्य किया जा रहा है व् बड़े स्तर नए विषयों पर केंद्रित पुस्तकों को मंगाया गया | उन्होंने नई कार्यकारी प्राचार्या डॉ. विजयवंती को भविष्य में महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास करने के लिए शुभकामनायें दीं |
मैडम ने बताया कि उन्होंने अपने अगले सफर के रूप में सामाजिक सेवा व् अध्यात्म के मार्ग को चुना है | गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए उन्होंने वर्ष 2007 में रोशनी फाउंडेशन नामक एक गैर सरकारी संगठन शुरू किया था जिसमें काफी बच्चे आज अपनी शिक्षा ले रहे हैं | अब वो अपना और अधिक समय इन बच्चों की शिक्षा पर देंगी |







