
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ में दिनांक 17 अगस्त, 2024 को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्याशी परिषद् रिफॉर्म्स 2024 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला का विषय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बाइनरी एक्रीडिटेन फ्रेमवर्क का परिचय” रहा। यह कार्यक्रम अग्रवाल विद्या प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता जी एवं महाविद्यालय सचिव श्री दिनेश कुमार गुप्ता जी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
अग्रवाल महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ० संजीव कुमार गुप्ता जी ने विभिन्न महाविद्यालय से आए हुए प्राचार्यगणो को पौधा भेंट करके स्वागत किया एवं उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया के पुराने और नए (बाइनरी) सिस्टम के बारे में तुलनात्मक विचार प्रस्तुत किये । आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ० के० एल० कौशिक जी ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद का मुख्य उद्देश्य कॉलेज और उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता’ की समझ पैदा करना है।
इस कार्यशाला में मुख्य रूप से वैश्य कॉलेज भिवानी, वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़, जीजीडीएसडी कॉलेज पलवल एवं सरस्वती महिला महाविद्यालय पलवल उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में शिक्षण और सीखने की आधुनिक विधियों, मूल्यांकन प्रक्रिया में विश्वसनीयता, सहायक संरचना और सेवाओं की पर्यापत्ता, रखरखाव और उचित आवंटन सुनिश्चित करना, मेट्रिक्स और मापन, सर्वोत्तम अभ्यास और चुनौतियां जैसी अनेक बातों पर विचार विमर्श किया गया। बाहर से आए हुए सभी कॉलेजों ने इस कार्यशाला का लाभ उठाया। कार्यशाला में सुझाव और शंकाओं के लिए जगह खुली रखी गई थी और सभी ने इसका भरपूर स्वागत किया।
टीमों को कॉलेज का दौरा कराया गया और परिसर की विभिन्न विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया। कॉलेज की लाइब्रेरी की बहुत प्रशंसा की गई। धन्यवाद ज्ञापन डॉ० विनीत नागपाल (प्रवक्ता कंप्यूटर विभाग) द्वारा किया गया। डॉ० सारिका कंजलिया (प्रवक्ता अंग्रेजी विभाग) इस कार्यक्रम की आयोजन सचिव रही ।
इस अवसर पर वैश्य कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार गोयल, वैश्य कॉलेज भिवानी के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार गोयल, वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ की प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा, जीजीडीएसडी कॉलेज पलवल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. पी.के. वर्मा, सरस्वती महिला महाविधालय पलवल की प्राचार्य डॉ. वंदना त्यागी मौजूद थीं। यह एक सफल कार्यक्रम रहा।
