
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा में भारतीय भाषा समर कैंप में विद्यालय के प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में अब तक लिए गए कार्यों की प्रदर्शनी लगाई। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग के आदेशानुसार भारतीय भाषा समर कैंप में पिछत्तर विद्यार्थी प्रतिभागिता कर रहे हैं।
शिविर में अब तक विद्यार्थियों ने भारतीय भाषा के अंतर्गत पंजाबी भाषा के वर्णों का जान, भारतीय भाषा के अंतर्गत अभिवादनों का जान, लेखन एवं उच्चारण, पंजाबी संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा एवं व्यंजन एवं अन्य रेसिपी का उच्चारण, बनाने की विधि, पंजाबी संस्कृति के नृत्य और त्योहार आदि पर पेटिंग, मॉडल एवं चित्रकारी आदि बना कर पंजाबी भाषा से समृद्ध होने का प्रयास किया है।प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा ने कहा कि शिविर में विद्यालय के प्राध्यापक और प्राध्यापिका वर्ग एवं अध्यापकों ने बहुत ही ऊर्जा से विद्यार्थियों को पंजाबी भाषा में समृद्ध होने के लिए प्रेरित किया है।
प्राध्यापिका रजनी कपूर, सोनिया जैन, सरिता, गीता, सुशीला बेनीवाल, दीपांजलि, ममता, दुर्गेश, सपना झा, बबीता, प्राध्यापक निखिल, कैलाश चंद्र, दिलबाग, वरिष्ठ अध्यापक अजय गर्ग , अवधेश, धर्मपाल, दिनेश ने अपने ज्ञान से प्रतिभागी विद्यार्थियों को लाभान्वित किया हैं। शिविर में विद्यार्थियों की योग और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह से सहभागिता की। कैंप में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी उपस्थित रहें। विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन , नुक्कड़ नाटक व अन्य मनोरंजक गतिविधियों द्वारा कैंप की शोभा बढ़ा दी। सभी विद्यार्थियों ने आज कैंप की सभी गतिविधियों में बढ़ चढ़कर प्रतिभागिता की।
प्राचार्य मनचंदा ने बताया कि कैंप में प्रतिभागिता करने वाली सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे वह इसके अतिरिक्त कैंप के दौरान हुई सभी गतिविधियों में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाली छात्राओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा ने सभी प्राध्यापकों, विद्यार्थियों , अभिभावकों व अन्य स्टाफ मेंबर्स को कैंप को सुचारू रूप से चलाने एवं सभी गतिविधियों में बढ़ चढ़कर प्रतिभागिता दिखाने के लिए आभार व्यक्त किया, इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी को प्रोत्साहित किया कि वह समय समय पर होने वाले स्कूल में सभी गेम्स में अपनी प्रतिभागिता दिखाएं, जिससे कि विद्यार्थियों का आत्मिक, मानसिक, बौद्धिक व शारीरिक विकास हो सके।






