
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / “नारी सशक्तिकरण से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है” — एनआईटी-86 विधायक सतीश कुमार फागना । वे मिशन जागृति द्वारा डबुआ कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में आत्मनिर्भर कौशल विकास केंद्र की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और बेटियों को छह माह का कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस प्रशिक्षण बैच में कुल 13 महिलाओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुनैना, द्वितीय रुचि तथा तृतीय शमा ने प्राप्त किया। प्रथम स्थान पर रही सुनैना को एक सिलाई मशीन देकर सम्मानित किया गया ताकि वह आगे आत्मनिर्भरता की दिशा में और प्रगति कर सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री फागना ने कहा कि “नारी सशक्तिकरण से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है। मिशन जागृति इस दिशा में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। मैं 2007 से इस संस्था को देख रहा हूँ और इसके स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाजसेवा में लगे हुए हैं। मिशन जागृति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस सपने को साकार करने में जुटा है जिसमें हर महिला और बेटी आत्मनिर्भर बने।”
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. हेमंत अत्री, पार्षद जसवंत पवार, पार्षद लोहिया, गोपाल गोयल, राजकुमार त्यागी, शैली बब्बर, परमिता गर्ग, स्वराज, सुषमा यादव, सुरेश गोयल, आरडब्ल्यूए डबुआ कॉलोनी के अध्यक्ष राकेश खटाना, महासचिव अवतार सिंह एवं उनकी पूरी टीम उपस्थित रही। सभी ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिशन जागृति यूथ क्लब से शिवानन्द राय, रविंद्र सिंह, कृष्ण प्रजापति, संजना, प्रिया मलिक, निकिता पगना, साहिल भाटिया, दक्ष मलिक, भारत ग्रोवर, अभिषेक और प्रेम की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
मिशन जागृति के अध्यक्ष श्री विवेक गौतम, अशोक भतेजा, महेश आर्य, संतोष अरोड़ा, दिनेश राघव, सतीश टंडन, राजेन्द्र नागर, गुरमीत देओल, गुरनाम सिंह, रवीनद्र मलिक, तथा महिला टीम से प्रधान भावना चौधरी, लता सिंघला, प्रभा सोलंकी, गीता शर्मा, ममता राघव, अनीता माहेश्वरी, रेनू शर्मा, मोनिका अरोड़ा, नीतू मलिक, सुष्मिता भौमिक, सुबलेश मलिक, पिस्ता चौधरी, मनीषा, पूजा, सोनिया सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
मिशन जागृति के संस्थापक श्री प्रवेश मलिक ने कहा कि “बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए लाभदायक है।” उन्होंने इसके सात प्रमुख लाभ गिनाए —
आत्मविश्वास और स्वाभिमान में वृद्धि
आर्थिक स्वतंत्रता
समाज में समानता की दिशा में कदम
सशक्त परिवार और समाज
भविष्य की सुरक्षा
रोल मॉडल बनना
समाज में अपराधों में कमी
राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक गौतम ने कहा कि “सिलाई सीखने से रचनात्मकता, मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन तीनों में वृद्धि होती है। यह धैर्य, समस्या-समाधान कौशल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।”
कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती संतोष अरोड़ा ने कहा कि “जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार लाभान्वित होता है। जो महिलाएं रोजगार करना चाहती हैं, उन्हें अन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर नौकरी उपलब्ध करवाई जा रही है, वहीं कई महिलाएं अपना स्वयं का कार्य आरंभ कर रही हैं।”
इस अवसर पर प्रशिक्षुओं और उनके परिवारजनों में उत्साह का वातावरण रहा।
मिशन जागृति ने यह संदेश दिया कि कौशल विकास के माध्यम से महिलाएं और बेटियाँ अपने जीवन को संवारने के साथ-साथ समाज की उन्नति में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं। जो भी इस संस्था के साथ जुड़ना चाहे वो 9355288288 पर बात कर सकते है ।






