
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय बल्लबगढ़ में विश्व हिंदू परिषद द्वारा स्थापना, उद्देश्य, चुनौती और समाधान पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय प्राचार्य डॉ कृष्ण कांत गुप्ता जी के प्रेरणादायक भाषण से हुई । प्राचार्य महोदय ने समाज सुधार में विश्व हिंदू परिषद की अहम भूमिका की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों को इसके प्रति जागरूक किया । मुख्य वक्ता के रूप में मोजूद श्री बृजेश कुंतल, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख ने सभी विद्यार्थियों को परिषद के उद्देश्य व स्थापना के बारे में बताते हुए इसके विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ पर्व पर भारत की संत शक्ति के आशीर्वाद के साथ हुई थी। विहिप का उद्देश्य राष्ट्र को संगठित करना, सामाजिक एकता को बनाए रखना और समाज की सेवा करना है। भारत के लाखों गांवों और कस्बों में विहिप को एक मजबूत, प्रभावी, स्थायी, और लगातार बढ़ते हुए संगठन के रूप में देखा जा रहा है। परिषद द्वारा सेवा गतिविधियों का संचालन निश्चित उद्देश्य के अंतर्गत किया जाता है जैसे की देश के सभी भू-भागों में धर्मांतरण रोकना तथा परावर्तन को प्रोत्साहन देना, सामाजिक समरसता के भाव को परिपुष्ट करना, अशिक्षित, पिछड़े अथवा साधनहीन समाज बांधवों का स्वाभिमान जगाते हुए उन्हें स्वावलम्बी एवं जागरूक बनाना तथा जिनकी सेवा की जाती है, धीरे-धीरे वे स्वयं सेवाकार्य करने वाले बनें, यह वातावरण बनाना। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया की नई शिक्षा नीति 2020 भी बौद्धिक , आध्यात्मिक और नैतिक चिंतन पर प्रकाश डालती है व सभी को स्वावलंबी होने की शिक्षा देती है और विहीप इसी दिशा में अनेक समाज सुधार और समग्र विकास के कार्य करता रहता हैं । इस कार्यक्रम में परिषद के फ़रीदाबाद शाखा के सदस्य सतीश जी व सुनील जी भी मौजूद रहे । इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ जयपाल सिंह, विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग द्वारा किया गया।
