फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के भौतिकी विभाग द्वारा “आर्डुइनो एवं एम्बेडेड सिस्टम्स में कौशल विकास” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमेशन तथा एम्बेडेड सिस्टम्स से संबंधित उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्रदान करना है।
कार्यशाला में 40 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को आर्डुइनो माइक्रोकंट्रोलर्स, एम्बेडेड ‘सी’ प्रोग्रामिंग, सेंसर इंटरफेसिंग तथा सर्किट प्रोटोटाइपिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा आधुनिक शोध उपकरणों के क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी दक्षताओं को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में उद्योग जगत से वेव टेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक श्री कुशाग्र शर्मा एवं श्री ईशान शर्मा को संसाधन विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को एम्बेडेड सिस्टम्स एवं हार्डवेयर प्रोग्रामिंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की तथा हैंड्स-ऑन सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
इस कार्यशाला का संयोजन डॉ. अनुज कुमार एवं डॉ. कौशल कुमार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों की तकनीकी एवं समस्या-समाधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा अकादमिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
इस अवसर पर भौतिकी विभाग की अध्यक्ष प्रो. सोनिया बंसल ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यावहारिक शिक्षा और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को कोडिंग, हार्डवेयर इंटीग्रेशन तथा नवाचार आधारित तकनीकी अनुप्रयोगों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है।
कार्यक्रम कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल विश्वविद्यालय की उद्योगोन्मुख शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. अनुराधा शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षताओं को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भविष्य के कैरियर अवसरों को भी विस्तृत करेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रो. मनीषा गर्ग, डॉ. मणिकांत यादव, डॉ. राशि, डॉ. सुरेश एवं डॉ. श्वेता भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने प्रतिभागियों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
