फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / फरीदाबाद, 12 मई – जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा “उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता” विषय पर दो दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुनीता खुराना, पूर्व निदेशक, भारतीय सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान, तथा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रबंधन अध्ययन विभाग के डीन प्रो. आशुतोष दीक्षित ने कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने में ऐसे कार्यक्रमों की महत्ता को रेखांकित किया। वहीं प्रबंधन अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंधवानी ने मुख्य अतिथि एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की उपयोगिता और प्रशासनिक उत्कृष्टता के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संस्थान की सुचारु कार्यप्रणाली और प्रगति के लिए सक्षम एवं दक्ष प्रशासन अनिवार्य है। उन्होंने प्रबंधन अध्ययन विभाग की इस पहल की सराहना की तथा प्रशासनिक कर्मचारियों के निरंतर व्यावसायिक विकास हेतु ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता खुराना ने अपने व्याख्यान में प्रशासन को किसी भी संस्थान की रीढ़ बताते हुए प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में सटीकता, संवेदनशीलता और जवाबदेही की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासन ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता और सुदृढ़ता का आधार है।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के संसाधन व्यक्तियों के रूप में डॉ. मेहा शर्मा, उप कुलसचिव (शैक्षणिक), श्री मनीष गुप्ता, उप कुलसचिव (स्थापना), तथा श्री सचिन गुप्ता, उप कुलसचिव (परीक्षा) भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागी भाग ले रहे है, जिनमें प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभाग के संकाय सदस्य शामिल रहे।
इस आयोजन का सफल समन्वयन डॉ. अनुश्री चौहान एवं डॉ. सपना तनेजा द्वारा विभाग के संकाय सदस्यों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
