
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / वाल्मीकि अखाड़ा द्वारा एनएच-3 पार्क के निकट बुद्व पूर्णमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सभी ने भगवान बुद्व की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर उनके आगे शीष झुकाकर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर वाल्मीकि अखाड़ा के राजकुुमार वाल्मीकि ने कहा कि गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक और एक महान आध्यात्मिक गुरु थे, जिनका जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी (नेपाल) में हुआ था। उन्होंने 29 वर्ष की आयु में राजपाठ त्याग कर सत्य और दुखों से मुक्ति की खोज में “मध्यम मार्ग” चुना। बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त कर वे बुद्ध कहलाए। गौतम बुद्ध ने हमें अहिंसा, करुणा और मानसिक शांति का पाठ पढ़ाया।
भाई सुनील कुमार कंडेरा नेे कहा कि गौतम बुद्व मानवता के महान शिक्षक है। राजमहल की भव्यता को छोडक़र उन्होंने अपना जीवन समाज कल्याण और ध्यान के मार्ग पर लगाया। गौतम बुद्ध के प्रेरक विचार आज भी हमें जीवन में सफलता, शांति और संतुलन प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।
सुनील कुमार कंडेरा ने कहा कि अगर जीवन में ज्ञान का प्रकाश लाना हैं और हर दिन को बेहतर तरीके से जीना हैं, तो महात्मा बुद्ध के अनमोल विचारों को रोज़ एक बार जरूर पढ़ें। ये विचार न केवल आपके दृष्टिकोण को बदलेंगे, बल्कि आपके जीवन को एक नई दिशा भी देंगे। कार्यक्रम के पश्चात राहगीरों को मीठा पानी पिलाया गया और प्रसाद भी वितरित किया गया।
इस मौके पर राजकुमार वाल्मीकि,भाई सुनील कुमार कंडेरा,आदि धर्म समाज से राजेश बंगाली,वाल्मीकि अखाड़ा से प्रमोद कुमार, कृष्ण बैनीवाल, करण रोहतकिया, पलवल से एडवोकेट सतीश भानु, अमित सौदे योगेश बेनीवाल,राहुल, सुमित वाल्मिकी,अमित बाल्मीकि दिल्ली सहित कई लोग मौजूद थे।