
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ में वाणिज्य विभाग द्वारा
GST 2.0 सामाजिक समावेश, सतत विकास और आर्थिक मजबूती के लिए रोड
मैप विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया गया। यह हर्ष
का विषय रहा कि अग्रवाल कॉलेज हरियाणा का एकमात्र ऐसा कॉलेज है जिसे
आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित जीएसटी पर यह संगोष्ठी आयोजित
करने का अवसर मिला है। इसके द्वारा शिक्षाविदों, विद्वानों के विचारों, सूचनाओं
और नवीन ज्ञान को साझा करने के लिए एक मंच पर एकत्रित किया गया।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य जीएसटी 2.0 केवल सुधार के अनुसार ही नहीं बल्कि
अनेक समूहों को मुख्य धारा में शामिल करने, विकास सुनिश्चित करने और
अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की एक योजना को प्रस्तुत करना है। उद्घाटन
सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री एसएस मलिक (डिप्टी एक्साइज एंड
टैक्सेशन कमिश्नर ईस्ट फरीदाबाद) उपस्थित रहे उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0
रोड मैप प्रणाली को स्पष्ट कुशल और जवाब दे बनाने की दिशा में एक
महत्वपूर्ण कदम है उन्होंने अधिकारियों और करदाताओं की के बीच आपसी
सहयोग की आवश्यकता पर बोल दिया जिससे टैक्स अनुपालन को सरल बनाया
जा सके और जागरूकता बढ़ाई जा सके।
विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता
(अध्यक्ष, अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ गवर्निंग बॉडी) ने कहा कि जीएसटी एक
अत्यंत गंभीर और प्रासंगिक विषय है प्रत्येक व्यक्ति को इसके विषय में सही
जानकारी अवश्य होनी चाहिए।
अग्रवाल कॉलेज कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ संजीव कुमार गुप्ता इस बात पर जोर
दिया कि यह सेमिनार जीएसटी से संबंधित सभी समस्याओं को दूर करेगा और
एक समतावादी समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। मुख्य वक्ता के रूप में श्री सुशील अग्रवाल (सी ए,एफ सी ए, ए सी ए एम) ने अपने विचार प्रस्तुत
करते हुए कहा कि जीएसटी अपनी पारदर्शी कार्य प्रणाली के माध्यम से समाज
को एकजुट करने का एक सशक्त माध्यम है।
पैनल चर्चा में से रिया कथूरिया (सी एस) और सुश्री जया गोयल (अध्यक्ष
महिला उद्यमी प्रकोष्ठ फरीदाबाद) विजेंद्र गोयल (सी ए), रजत मंगला (सी ए),
हितेश गोयल (सी ए) और हर्ष मित्तल (सी ए) जैसे विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने
नीतिगत उद्देश्यों और जमीनी स्तर की चुनौतियों के बीच समन्वय स्थापित
करना इस विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। विशेषज्ञों ने जीएसटी के
अनुपालन और इसके क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों के विषय में बताया।
उन्होंने प्रक्रिया को सरल बनाने, डिजिटल सहायता और बेहतर समानता की
आवश्यकता पर बल दिया।
प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर मीनू माहेश्वरी (विभागअध्यक्ष,
वाणिज्य विभाग कोटा विश्वविद्यालय) ने की। इस सत्र में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम) उद्योगों में समानता समावेश और दक्षता जैसे विषयों पर चर्चा की गई ।
डॉ अशोक कुमार गुप्ता (प्रोफेसर एवं सेवा निवृत प्राचार्य गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज
कोटा) ने स्टार्टअप उद्यमिता, ग्रामीण और शहरी आजीविका रोजगार विषय पर
व्याख्यान दिया । जिसमें उन्होंने रोजगार सृजन पर जीएसटी के प्रभावों का
विश्लेषण भी किया।
कपिल जैन (सी ए) ने व्यवसायों के लिए जीएसटी के सुधारो पर चर्चा करते हुए
कहा कि जीएसटी निष्पक्ष होकर और अनुपालन के बोझ को काम करके
व्यवसाययों की मदद कर सकता है| द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ रितु बजाज (प्रोफेसर प्रबंधन विभाग निदेशक पीडी जिओ मीरपुर रेवाड़ी) ने की। जबकि डॉ पूजा गुप्ता (एसोसिएट प्रोफेसर, व्यवसायिक अध्ययन विभाग पानीपत प्रौद्योगिकी संस्थान) अध्यक्ष
रही। डॉ सीमा राठी (एसोसिएट प्रोफेसर वाणिज्य विभाग एमडीयू रोहतक) ने
व्याख्यान दिया।
तृतीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ पिंकी (एसोसिएट प्रोफेसर प्रबंधन
अध्ययन विभाग एसवीएसयू) ने की। रिया कथूरिया (सी ए) ने जीएसटी 2.2 के तहत क्षेत्रीय विकास की संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर व्याख्यान दिया। इन तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों ने जीएसटी 2.0 और इससे संबंधित अनेक क्षेत्रों में अपने विचार शोध पत्र के
माध्यम से प्रस्तुत किये।
संगोष्ठी संयोजिका डॉ शोभना गोयल (एसोसिएट प्रोफेसर वाणिज्य विभाग), डॉ
रेखा सेन (प्रबंध सचिव) के साथ डॉ शिल्पा गोयल (प्रबंध सचिव) ने कार्यक्रम को
सुचारू रूप से संचालित करने का कार्य किया। उनके समर्पित प्रयासों और
आयोजन टीम के सहयोग से सेमिनार के पहले दिन को अच्छी सफलता
दिलवाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना आदि
राज्यों से कुल 250 पंजीकरण हुए। समापन सत्र 2 मई 2026 को आयोजित किया
जाएगा।