
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री लतिका शर्मा ने फरीदाबाद भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने लोकसभा में नारी शक्ति का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि 17, अप्रैल का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो सकता था, लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का विरोध कर इस अवसर को इतिहास का काला दिन बना दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने विरोध से यह स्पष्ट कर दिया कि वह महिलाओं के हित में नहीं है। इस मौके पर फरीदाबाद महानगर महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष ममता राघव, जिला महामंत्री कविन्द्र चौधरी, टीना पाराशर, संगीता नेगी, सुनीता बघेल, स्कंचन डागर, गीता शर्मा आदि मौजूद रहे। लतिका शर्मा के सेक्टर दो में पहुंचने पर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकताओं ने उनका पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया।
वरिष्ठ भाजपा नेत्री लतिका शर्मा ने कहा कि कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी द्वारा महिला सम्मान से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना और उसके बाद जश्न मनाना बेहद शर्मनाक है। यह देश की नारी शक्ति का सीधा अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का रहा है। 60 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक अधिकार देने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि यही वह कांग्रेस है जिसने शाहबानो मामले में महिलाओं के अधिकारों से समझौता किया और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर भी महिलाओं के हितों के खिलाफ खड़ी रही। इससे साफ है कि महिलाओं के अधिकार कांग्रेस के लिए केवल भाषणों तक सीमित हैं, नीति का हिस्सा नहीं।
कालका से पूर्व विधायक लतिका शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विपक्ष को डर है कि इस बिल के लागू होने के बाद सामान्य परिवारों से आने वाली महिलाएं संसद और विधानसभा तक पहुंचेंगी, जिससे उनकी परिवारवादी राजनीति को चुनौती मिलेगी। इसी भय के कारण विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है।
उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस और उसके नेता जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। लतिका शर्मा ने कहा कि विपक्ष के इस रवैये से देश की महिलाओं में भारी आक्रोश है और आने वाले चुनावों में विपक्षी दलों को इसका सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति विपक्ष द्वारा किए गए इस विश्वासघात को भूलने वाली नहीं है और हर चुनाव में विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा।
लतिका शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का पूरा मॉडल इस बात पर आधारित है कि सत्ता कुछ परिवारों तक सीमित रहे। वे अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन देश की आम महिलाओं को अवसर देने के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि गांव, गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाएं संसद में आएं, क्योंकि इससे उनके राजनीतिक वर्चस्व को खतरा होगा।
पूर्व विधायक शर्मा ने कहा कि -2010 में भी कांग्रेस ने बिल को रोका गया था और आज वही स्क्रिप्ट दोहराई जा रही है। यह साफ दिखाता है कि विपक्ष की मंशा महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को उलझाकर रोकना है।
लतिका शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी महिलाओं को उनका देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार- 2029 के चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रयास करती रहेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को घरों का स्वामित्व मिला है, उज्ज्वला योजना ने स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया है, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन ने दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम किया है। मोदी सरकार महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बना रही है।