
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नई दिल्ली। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। इस समझौते का मकसद उत्तर प्रदेश के युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में दक्ष बनाना है, ताकि प्रदेश को एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
इस साझेदारी के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) सेक्टर में कुशल युवाओं की कमी को दूर करने पर जोर दिया जाएगा। ईएसएससीआई राज्य में युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण, अपस्किलिंग और रिस्किलिंग कार्यक्रम तैयार करेगा। इसमें सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर खास ध्यान रहेगा। यूपीएलसी अपने राज्यव्यापी नेटवर्क के जरिए ईएसएससीआई को स्कूलों, कॉलेजों, शोध संस्थानों और सरकारी विभागों से जोड़ेगा।
इसके अलावा, दोनों संस्थाएं मिलकर राज्य में वर्कफोर्स की कमी को दूर करेंगी और भविष्य की जरूरतों की पहचान करेंगी। इसके अलावा, राज्य में रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Centre of Excellence) स्थापित करने की भी योजना है।
ईएसएससीआई के सीईओ माधवेन्द्र सिंह ने इस मौके पर कहा कि यह समझौता भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए भविष्य की वर्कफोर्स तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है। हमारा लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें इनोवेशन का नेतृत्व करने के काबिल बनाना है। यूपीएलसी के बुनियादी ढांचे और हमारी तकनीकी विशेषज्ञता के साथ मिलकर हम उत्तर प्रदेश को वैश्विक मानकों पर खड़ा करेंगे।
इस पहल से स्थानीय युवाओं को न केवल विश्व स्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि उन्हें सीधे उद्योगों से जोड़कर प्लेसमेंट में भी मदद की जाएगी। इससे उत्तर प्रदेश दुनिया की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा स्थान बनकर उभरेगा।