
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / सेक्टर-33 स्थित विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई) के कॉरपोरेट कार्यालय में संस्थान का 61वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और उमंग के संग मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक विशेष अवसर के साथ हुआ, जब एनपीटीआई के सभागार का नामकरण संस्थान के पूर्व महानिदेशक डॉ. बी.एस.के. नायडू के नाम पर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एनपीटीआई के महानिदेशक श्री हेमंत जैन, प्रधान निदेशक (एमबीए/आईटी) डॉ. एस. सेल्वम तथा प्रधान निदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. इंदु महेश्वरी उपस्थित रही। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें नाटक, एकल एवं समूह गीत तथा समूह नृत्य शामिल रहे। अपने दैनिक कार्यों में गंभीर रहने वाले प्रतिभागियों के इन रंगारंग रूपों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में मिताली ग्रुप की ऊर्जावान म्यूजिकल प्रस्तुति ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
अपने मुख्य संबोधन में महानिदेशक श्री हेमंत जैन ने सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि एनपीटीआई ने पिछले छह दशकों से अधिक समय से देश के विद्युत क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एनपीटीआई ने विश्व स्तरीय पवार इंजीनियर तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने न केवल तकनीकी दक्षता को बढ़ावा दिया है, बल्कि उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार किए हैं। वहीं वर्ष 2025-26 के दौरान एनपीटीआई द्वारा इतिहास में पहली बार 100 करोड़ रुपये से अधिक की सकल आय प्राप्त करने पर महानिदेशक श्री जैन ने एनपीटीआई के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ढ़ेरों शुभकामनाएं दी।
स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रम में सम्मिलित न होने के चलते पूर्व महानिदेशक डॉ. बी.एस.के. नायडू का संदेश प्रधान निदेशक (ट्रेनिंग) डॉ इंदु माहेश्वरी ने मंच से पढ़ कर सुनाया। जिसमें उन्होंने संस्थान की निरंतर प्रगति की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि एनपीटीआई भविष्य में भी विद्युत क्षेत्र के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा रहने पर गर्व भी व्यक्त किया।
समारोह का समापन उत्साह, गौरव और उपलब्धियों के संकल्प के साथ हुआ।