फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु और सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सत्संग को सुनने के लिएफरीदाबाद के हरियाणा स्टेट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास सेक्टर-12 के हुडा ग्राउंड में विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा।
इस आध्यात्मिक कार्यक्रम की शुरुआत में आदरणीया माता रीटा जी ने गुरु अर्जन देव जी महाराज द्वारा लिखित एक भजन का अपने मधुर कंठ से गायन किया, जिसके बोल थे, “प्रभु जी तू मेरे प्रान आधारे (हे ईश्वर आप ही मेरे प्राणों के आधार हो)।”
उसके पश्चात इस भजन की व्याख्या करते हुए, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने कहा कि, “इस भौतिक संसार में केवल ईश्वर ही हमारे सच्चे आधार और हितैषी हैं, जो हर परिस्थिति में हमारी संभाल और मार्गदर्शन करते हैं।”
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने आगे कहा कि अपना जीवन जीते हुए हम अक्सर यह मानते हैं कि हमारे परिवार, दोस्त-मित्र और रिश्तेदार ही हमारे सदा-सदा के साथी हैं, परंतु इस भजन में गुरु अर्जन देव जी महाराज एक ऐसे सच्चे शिष्य के जीवन के बारे में बयान कर रहे हैं, जो निरंतर ईश्वर की याद में लीन रहता है क्योंकि वह यह अनुभव करता है कि ये दुनिया नहीं बल्कि ईश्वर ही उसके जीवन के आधार हैं और वही उसकी संभाल कर रहे हैं। इसलिए वो कहता है कि मैं ईश्वर को नमस्कार करता हूँ, उनका सिमरन करता हूँ और अपना तन-मन-धन उन पर बार-बार न्यौछावर करता हूँ।
अपने सत्संग को जारी रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस माया की दुनिया में जीते हुए हम लोग उठते-बैठते और सोते-जागते सिर्फ इस शरीर या धन-दौलत के बारे में ही बातचीत करते हैं, उसकी याद करते हैं लेकिन एक सच्चा शिष्य इस दुनिया की नहीं केवल ईश्वर की ही याद करता है क्योंकि वह यह अनुभव कर चुका होता है कि इस दुनिया में सुख और दुःख हमारे मन के कारण ही आते हैं। इसलिए ऐसा शिश्य ईश्वर से यह प्रार्थना करता है कि, हे ईश्वर! आप ही मेरी रक्षा करने वाले हो, आप ही मेरी ताकत हो, मुझे विवेक देने वाले हो, मेरा धन हो और मेरा परिवार हो। आप ही मेरे लिए सब कुछ हो।
अंत में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने कहा कि जब हम ऐसा जीवन जीते हैं जिसमें हम ईश्वर पर भरोसा करते हैं तो हमें यह अनुभव हो जाता है कि जो कुछ भी हमारे जीवन में हो रहा है, उसमें ही हमारी भलाई है और ईश्वर के चरण-कमलों से जुड़कर ही हमें सारे सुख मिल सकते हैं तो तभी हमारे मनुष्य जीवन का उद्देश्य जोकि अपने आपको जानना और ईश्वर को पाना है, वो इसी जीवन में पूरा होता है।
सत्संग के पश्चात संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने नए भाई-बहनों को आध्यात्मिक दीक्षा देकर प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव कराया।
इस अवसर पर परम पूजनीय संत राजिन्दर सिंह जी महाराज की अपार दयामेहर से इसी स्थान पर जरूरतमंदो के लिए मुफ्त वस्त्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सभी आयु वर्ग के 1418 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को 5672 से अधिक कपड़े मुफ्त वितरित किए गए, जिनमें से प्रत्येक व्यक्ति को 3 कपड़ों के साथ 1 नए कपडे का सेट दिया गया।
परम पूजनीय संत राजिन्दर सिंह जी महाराज एक लाभ न कमाने वाली संस्था सावन कृपाल रूहानी मिशन के अध्यक्ष हैं, जिसे पश्चिमी देशों में साईंस ऑफ स्पिरिचुएलिटी के नाम से भी जाना जाता है। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के जीवन और उनके आध्यात्मिक कार्य को प्रेम और निस्वार्थ सेवा की कभी न खत्म होने वाली यात्रा के रूप में देखा जा सकता है। उनका उद्देश्य विश्वभर के लाखों लोगों को मनुष्य जीवन के मुख्य ध्येय जोकि अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना है, को खोजने में मदद करना है। वे पिछले 35 वर्षों से जीवन के सभी क्षेत्रों के लाखों लोगों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाकर उन्हें अपने अंदर ही प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव करा रहे हैं।
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज को विश्वभर में ध्यान-अभ्यास पर आधारित सेमिनारों, आध्यात्मिक पुस्तकों, डीवीडी, ऑडियो बुक, लेख, टीवी, रेडियो, इंटरनेट प्रसारणों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों भाई-बहनों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज की पुस्तकें विश्व की 56 भाषाओं में उपलब्ध हैं, जिनमें ‘मन का शुद्धिकरण’ ‘मेडिटेशन ऐज़ मेडिकेशन फॉर द सोल’ और ‘ध्यान-अभ्यास के द्वारा आंतरिक और बाहरी शांति’ आदि शामिल हैं।
सावन कृपाल रूहानी मिशन के संपूर्ण विश्वभर में 3400 से अधिक केन्द्र स्थापित हैं। इसका मुख्यालय विजय नगर, दिल्ली में है तथा अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय नेपरविले, शिकागो, अमेरिका में स्थित है।
