
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / अल्टरनेटिव डेवलपमेंट ऑफ हिमालयन रीजन (एडीएचार) द्वारा रेड क्रॉस भवन, सेक्टर-12 फरीदाबाद में हेल्दी फूड, वेल्दी फार्मर्स विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक और पोषक स्थानीय खाद्य पदार्थों के महत्व को समाज तक पहुंचाना तथा किसानों की आजीविका को मजबूत करने के विषय पर संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में फरीदाबाद के मेयर श्री प्रवीण जोशी जी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक के.सी. भट्ट, गढ़वाल सभा के प्रधान राकेश घिल्डियाल, समाजसेवी अरविंद भारद्वाज और सर्वोदय अस्पताल की चीफ डायटिशियन डॉ. मीना कुमारी शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत हिलांसी मंगलेर टीम की ओर से गणेश वंदना से की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी ने संबोधन में कहा कि आज के समय में स्वस्थ जीवन के लिए स्थानीय और पारंपरिक खाद्य प्रणालियों को अपनाना आवश्यक है। इससे न केवल लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केसी भट्ट ने हिमालयी क्षेत्रों में उगाए जाने वाले पारंपरिक अनाज जैसे मंडुवा, झंगोरा, गहत और भट्ट के पोषण महत्व और भविष्य की खाद्य प्रणाली में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये अनाज जलवायु अनुकूल, पोषक और टिकाऊ कृषि प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
सर्वोदय अस्पताल की चीफ डायटिशियन डॉ मीना ने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के संदर्भ में पारंपरिक अनाज और स्थानीय भोजन के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि मिलेट्स और पारंपरिक अनाज जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों की रोकथाम में सहायक हो सकते हैं।
कार्यक्रम में उत्तराखंड से आए किसान स्वतंत्री बन्धानी, असिता, गोविंद सिंह मेहर, नवीन पटवाल व अमन बन्धानी ने अपनी पारंपरिक खेती बाड़ी के बारे में बताया और पहाड़ में खेती की चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपील की कि शहरी उपभोक्ता हम किसानों से सीधे जुड़ेंगे तो हमारी आय बढ़ेगी और पहाडों से पलायन रुकेगा।
इस अवसर पर आयोजित मेरी पहाड़ी पसंद – मेरा स्वाद, मेरी पहचान प्रतियोगिता के प्रतियोगियों को सम्मानित किया गया, इनमें सरिता नवानी (पौड़ी गढ़वाल), लता खंडूड़ी (दिल्ली ), विनीता चमोली (दिल्ली), सुनीता नौड़ियाल (फरीदाबाद), सरिता सजवान (फरीदाबाद) ,शीला रावत (फरीदाबाद) व नेहा रावत (फरीदाबाद) , शामिल रहीं।
कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया गया और स्थानीय खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का संकल्प लिया। इस दौरान शहरी उपभोक्ताओं को माई फैमिली फार्मर पहल से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित कियाभी गया, जिसके माध्यम से लोग सीधे किसानों से जुड़कर स्थानीय उत्पादों को अपनाने और ग्रामीण आजीविका को समर्थन दे सकते हैं।
एडीएचआर के अध्यक्ष एमएस नेगी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि महासचिव महेश नौड़ियाल, सुशील सेमवाल, सुनीता नौड़ियाल ने भी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों, किसानों और शहर के नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
