
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / अग्रवाल कॉलेज के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल (R&D Cell) द्वारा “स्कोपस इंडेक्स्ड जर्नल्स में प्रकाशन: गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों की
रणनीतियाँ” विषय पर एक ऑनलाइन कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन
किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य संकाय सदस्यों एवं स्नातकोत्तर
विद्यार्थियों की शोध क्षमता को बढ़ाना तथा उन्हें प्रतिष्ठित स्कोपस इंडेक्स्ड
जर्नल्स में उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्रकाशित करने के लिए मार्गदर्शन
प्रदान करना था।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. दिव्या वर्मा, प्रोफेसर,
यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ
विश्वविद्यालय, दिल्ली ने अपने विचार साझा किए। उनके पास लगभग दो
दशकों का शिक्षण एवं शोध अनुभव है तथा वे व्यवहारिक वित्त, वित्तीय बाज़ार,
बैंकिंग एवं फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) तथा आर्थिक नीति जैसे विषयों में
विशेषज्ञता रखती हैं। उन्होंने कई शैक्षणिक पुस्तकों का लेखन किया है तथा
अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित इंडेक्स्ड जर्नल्स में अनेक शोध पत्र प्रकाशित
किए हैं।डॉ. वर्मा ने प्रतिभागियों को रिसर्च लेखन, उपयुक्त जर्नल चयन, नैतिक
प्रकाशन प्रथाओं तथा प्रतिष्ठित जर्नल्स में शोध पत्र स्वीकार होने की
संभावनाओं को बढ़ाने की रणनीतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने
स्कोपस इंडेक्स्ड जर्नल्स में गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन के महत्व को भी विस्तार
से समझाया। उन्होंने बताया कि स्कोपस एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त
सार एवं संदर्भ उद्धरण डेटाबेस है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले सहकर्मी समीक्षा-
कृत जर्नल्स, कॉन्फ्रेंस पेपर्स और शोध प्रकाशन शामिल होते हैं। साथ ही उन्होंने
स्पष्ट किया कि इंडेक्सिंग वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जर्नल्स को उनकी
गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रभाव के आधार पर प्रतिष्ठित शैक्षणिक डेटाबेस में
सूचीबद्ध किया जाता है।
यह कार्यक्रम अग्रवाल कॉलेज गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता, महासचिव श्री दिनेश कुमार गुप्ता, प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, इंचार्ज विंग-I
डॉ. सचिन गर्ग तथा R&D सेल की संयोजक डॉ. प्रियंका सहरावत के सक्षम मार्गदर्शन
और सहयोग में आयोजित किया गया।सत्र के दौरान संसाधन व्यक्ति ने शोधकर्ताओं के विभिन्न प्रकारों पर भी चर्चा की और बताया कि शोध को बेसिक रिसर्च, एप्लाइड रिसर्च, क्वांटिटेटिव रिसर्च तथा क्वालिटेटिव रिसर्च जैसे विभिन्न रूपों में किया जा सकता है।यह
कार्यशाला अत्यंत जानकारीपूर्ण एवं संवादात्मक रही, जिसमें प्रतिभागियों ने
सक्रिय रूप से भाग लेते हुए शोध प्रकाशन से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का
समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. डिम्पल, सहायक प्राध्यापक,
वाणिज्य विभाग एवं सुश्री सोनिया यादव, सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन विभाग
द्वारा किया गया। R&D सेल की सदस्य डॉ. अर्चना चौहान, सहायक
प्राध्यापक, रसायन विभाग तथा सुश्री पारुल सिंगला, कंप्यूटर साइंस विभाग ने
भी कार्यशाला में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान
दिया।कार्यशाला का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें प्रतिभागियों
ने गुणवत्तापूर्ण शोध एवं प्रकाशन के प्रति नई प्रेरणा और महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्त
किया।
