
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / श्री दुर्गा मन्दिर महावीर नगर ओल्ड फरीदाबाद में आयोजित द्वितीय संगीतमय श्रीमद़ भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास परम पूज्य ओमप्रकाश शास्त्री जी ने अजमिल के चरित्र के बारे में बताया जो भगवान का एक नाम लेने पर धाम को चला गया। उन्होनें प्रह्रलाद चरित्र का भी सुन्दर वर्णन करके बताया।
इस मौके पर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन महावीर नगर ओल्ड फरीदाबाद प्रधान चरण सिंह सैनी, सचिव योगेश चावला,पिंटू सैनी,पप्पी सैनी,रमेश मेहता, प्रेमवीर सिंह राहत,पंडित धीरज शास्त्री सहित कई भक्त मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे सेवादार टेकचन्द नन्द्राजोग(टोनी पहलवान) ने परम पूज्य ओमप्रकाश शास्त्री जी का चरण स्पर्श कर उनसे आर्शीवाद लिया। तत्पश्चात आयोजन समिति ने टोनी पहलवान को पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह्र देकर उन्हें सम्मानित किया।
इस मौके पर ओमप्रकाश शास्त्री जी ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने से मनुष्य का जीवन सार्थक होता है। जन्म तो हर प्राणी एवं मनुष्य लेता है लेकिन उसे अपने जीवन का अर्थ बोध नहीं होता है। बाल्यावस्था से लेकर मृत्यु तक वह सांसारिक गतिविधियों में ही लिप्त होकर इस अमूल्य जीवन को नश्वर बना देता है। श्रीमद् भागवत ऐसी कथा है जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी श्रीमद् भागवत कथा होती है वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा से सशक्त हो जाता है।
इस अवसर पर टोनी पहलवान ने कहा कि प्रत्येक जीव को अपने जीवन का उद्धार करने के लिए कथा श्रवण अवश्य करना चाहिए आज के संसारी लोगों को चाहिए कि वे भगवान के नाम का अभ्यास करें क्योकि अंतिम समय पर भगवान स्वंय उन्हें लेने के लिए पधारते है।
