
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / सूरजकुंड मार्ग स्थित श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम, श्रीसिद्धदाता आश्रम में तीन दिवसीय ‘होली’ का महापर्व इस वर्ष अत्यंत दिव्यता, उल्लास और आध्यात्मिक गरिमा के साथ संपूर्ण हुआ। श्रीरामानुज संप्रदाय की तीर्थ पीठ इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा के पीठाधीश्वर अनंतश्री विभूषित श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित किए गए रंगोत्सव में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आश्रम परिसर को अबीर-गुलाल के बीच श्रद्धा, आस्था, भक्ति और प्रेम के रंगों में स्वयं को सराबोर कर लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा के पीठाधीश्वर अनंतश्री विभूषित श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में पुजारियों, आचार्यो ने श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में विराजमान सभी विग्रहों को चंदन और फूलों की बौछार अर्पित कर विधिवत पूजन से हुई। भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण जी की विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा पुष्पों की होली खेली गई। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुदेव को पुष्पवर्षा करके फूलो से सराबोर कर दिया।
मधुर भजन, ब्रज के रसिया और वाद्य यंत्रों की सुरमयी धुनों के बीच पुजारियों और श्रद्धालुओं ने गुरुदेव पर पुष्पवर्षा करके पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत स्वामी श्रीसुदर्शनाचार्य वेद-वेदांग संस्कृत महाविद्यालय परिसर में रंगों की होली का खेली गई। गुरुदेव ने श्रद्धालुओं पर अबीर-गुलाल और रंगों की बौछार कर सभी को आशीर्वाद दिया। चारों ओर गुलाल की सुगंध, भक्ति गीतों की स्वर लहरियां और श्रद्धालुओं के उत्साह से आश्रम का पावन प्रांगण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। चेहरों पर गुलाल और हृदय में श्रद्धा लिए भक्त संगीत की धुनों पर झूम उठे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीलक्ष्मी-नारायण की कृपा रंगों के रूप में बरस रही हो।
आश्रम में रंगोत्सव के दौरान व्यवस्था, प्रसाद वितरण और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। तीन दिवसीय इस आयोजन ने न केवल आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया, बल्कि प्रेम, सद्भाव और विश्व कल्याण की भावना को भी सुदृढ़ किया।
