
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / डीएवी शताब्दी महाविद्यालय में इस वर्ष होली का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, सादगी और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। महाविद्यालय के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने पारंपरिक गुलाल के साथ फूलों की होली खेलकर प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में ढोल-नगाड़ों की गूंज और होली के पारंपरिक गीतों के साथ हुई। सभी स्टाफ सदस्य रंग-बिरंगे परिधानों में सजे हुए उत्साहपूर्वक नृत्य करते और एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा करते दिखाई दिए। पूरे परिसर में आनंद, उमंग और अपनत्व का वातावरण छा गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार जी ने सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह प्रेम, सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन संस्थान में आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि फूलों की होली खेलकर महाविद्यालय ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ उत्सव मनाने का एक प्रेरणादायक संदेश दिया है।
इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र ढुल और डॉ. अर्चना सिंघल जी ने भी स्टाफ मेंबर्स के साथ ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस किया। इस दौरान सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर एक-दूसरे के साथ हंसी-खुशी के पल साझा किए। पारंपरिक व्यंजनों जैसे लड्डू और पकोड़ों का स्वाद लेकर इस उत्सव को और भी मधुर बना दिया गया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन पर्यटन विभागाध्यक्ष अमित कुमार जी के मार्गदर्शन में किया गया।उनके साथ पर्यटन विभाग के विद्यार्थियों ने पूरी तन्मयता और मेहनत के साथ महाविद्यालय के प्रांगण को सजाया। अंत में सभी स्टाफ सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वे होली के इस पावन पर्व की भावना—प्रेम, सौहार्द और भाईचारे—को अपने व्यवहार और कार्य संस्कृति में सदैव बनाए रखेंगे।
यह आयोजन न केवल रंगों का उत्सव था, बल्कि एकता, संस्कृति और सकारात्मकता का सुंदर संगम भी रहा।
