
कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर को एनबीए मान्यता पत्र भेंट करते हुए एनबीए समन्वयन टीम के सदस्य।
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) द्वारा दो और पाठयक्रमों बीटेक – इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा बीटेक – इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की पुनः मान्यता प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। एनबीए द्वारा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान करना विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता का दर्शाता है।
इस उपलब्धि के लिए कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने एनबीए समन्वयक प्रो. कोमल कुमार भाटिया, डाॅ. नीलम दूहन तथा सभी संबंधित विभागाध्यक्षों के प्रयासों की सराहना की है तथा सभी शिक्षकों तथा कर्मचारियों को इस सफलता पर बधाई दी है। इस अवसर पर डीन (इंस्टीट्यूशन्स) प्रो. संदीप ग्रोवर, कुलसचिव डाॅ. एस. के. गर्ग, प्रो. अतुल मिश्रा तथा प्रो. प्रदीप डिमरी भी उपस्थित थे। एनबीए द्वारा श्रेणी-1 प्रारूप में विश्वविद्यालय के पाठयक्रम बीटेक – इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा बीटेक – इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी को तीन वर्षों के लिए मान्यता प्राप्त हुई है। विश्वविद्यालय के विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को मान्यता मिलने से विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण स्नातकों को अमेरिका तथा इंग्लैंड सहित विभिन्न देशों के पाठ्यक्रमों के समकक्ष समानता मिलेगी।
यह मान्यता वाशिंगटन समझौते के अनुरूप है, जिसमें एनबीए भी एक हस्ताक्षरकर्ता है। वाशिंगटन समझौते की अनुपालना के अनुरूप, वाईएमसीए विश्वविद्यालय के एनबीए श्रेणी-1 मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों को अन्य हस्ताक्षरकर्ता देशों में वैश्विक मान्यता हासिल होगी, जिनमें आस्ट्रेलिया, कनाडा, ताइवान, हांगकांग, आयरलैंड, जापान, इंग्लैंड तथा अमेरिका शामिल हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इन देशों में अकादमिक जरूरतों को पूरा करने के दृष्टिगत इंजीनियरिंग कार्यों को करने में सक्षम होंगे।
एनबीए एक स्वायत्त संस्थान है जो समय-समय पर तकनीकी संस्थानों तथा पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् द्वारा अनुशंसित मानक तथा मानदंडों के अनुरूप करता है। मान्यता प्रक्रिया के अंतर्गत एनबीए विशेषज्ञ टीम द्वारा 18 जून, 2022 को विश्वविद्यालय में दौरा कर दो विभागों का मूल्यांकन किया गया था। एनबीए विशेषज्ञ टीम ने विश्वविद्यालय का मूल्यांकन विभिन्न मानदंडों पर किया तथा लैब, वर्कशाप, लाइब्रेरी तथा विद्यार्थियों से संबंधित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में विश्वविद्यालय के रूप में दर्जा हासिल करने वाले जे.सी बोस विश्वविद्यालय ने विगत वर्षों केे दौरान उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है तथा विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय ने नैक, एनबीए और एनआईआरएफ सहित विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर खुद को साबित किया है। साथ ही, विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार किये गये है।
