
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / मानव रचना इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (MRIIF) को हरियाणा स्टार्टअप इकोसिस्टम के तहत एक निजी इनक्यूबेटर के रूप में मान्यता मिली है। यह उपलब्धि राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है। यह मान्यता MRIIF की क्षमता पर बढ़ते विश्वास को दिखाती है, जो नए उद्यमियों को तैयार करने, उनके विचारों को मजबूत बनाने और उन्हें सफल व्यवसाय में बदलने में मदद करती है।
इस मान्यता के तहत MRIIF वर्ष 2026 में लगभग 25 स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा। पात्र स्टार्टअप्स को स्टार्टअप हरियाणा फंड के तहत ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
यह कदम हरियाणा सरकार की उस व्यापक योजना से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप्स को आकर्षित करना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। सरकार पड़ोसी राज्यों के उद्यमियों को भी हरियाणा में अपना व्यवसाय स्थापित करने और विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिससे राज्य नवाचार आधारित उद्यमों का पसंदीदा केंद्र बन सके।
मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा, “हमारा ध्यान हमेशा प्रक्रियाओं से अधिक लोगों पर रहा है। यह मान्यता हमें नवाचारकर्ताओं को स्पष्ट दिशा और विश्वास के साथ सहयोग देने में और सक्षम बनाती है। छात्रों और नए उद्यमियों को केवल विचारों की नहीं, बल्कि मार्गदर्शन और मजबूत सहयोग प्रणाली की आवश्यकता होती है। अब वे अपने ही राज्य में रहकर सफल उद्यम स्थापित करने का स्पष्ट मार्ग देख सकते हैं।”
MRIIF में इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप्स हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी 2022 के तहत स्टार्टअप हरियाणा फंड से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे। यह सहायता DPIIT से मान्यता प्राप्त और स्टार्टअप हरियाणा सेल (DITECH) में पंजीकृत स्टार्टअप्स को मिलेगी, जो MRIIF जैसे सरकारी स्वीकृत इनक्यूबेटर के माध्यम से काम कर रहे हैं। यह फंड शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास, परीक्षण, सत्यापन और बाजार में प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण चरणों में सहयोग देता है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब हरियाणा में तकनीक आधारित और ज्ञान आधारित उद्यम तेजी से बढ़ रहे हैं। शैक्षणिक और शोध वातावरण के साथ जुड़ाव से यह सुनिश्चित होता है कि नवाचार शुरुआत से ही बाजार की जरूरतों और दीर्घकालिक मूल्य को ध्यान में रखकर विकसित हो।
इस उपलब्धि के पीछे MRIIF का उद्योग-उन्मुख तथा मेंटर-आधारित इनक्यूबेशन मॉडल प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इसमें उद्योग सहयोग, मजबूत नेटवर्क और संस्थागत सहयोग शामिल है। MRIIF आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप टेक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), हेल्थ साइंसेज, मेडटेक, एफएमसीजी, रोबोटिक्स और उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है। तकनीकी सहयोग के साथ-साथ डिजाइन थिंकिंग, बाजार परीक्षण, बौद्धिक संपदा निर्माण, नियामक मार्गदर्शन और संस्थापकों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
MRIIF के सीईओ डॉ. उमेश दत्ता ने कहा, “हरियाणा के छात्र नवाचारकर्ताओं और शुरुआती उद्यमियों के लिए यह मान्यता एक बड़ा अवसर है। इससे उन्हें संरचित मार्गदर्शन, आधुनिक प्रोटोटाइप सुविधाएं, उद्योग साझेदारी और निवेशकों से जुड़ने का मंच मिलेगा। यह युवा उद्यमियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाता है कि उन्हें अपने राज्य में ही मजबूत सहयोग मिल सकता है।”
मानव रचना इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन हरियाणा में एक विश्वविद्यालय आधारित निजी इनक्यूबेटर के रूप में कार्य करता है। यहां कई विशिष्ट और नवाचारी स्टार्टअप्स संचालित हैं, जो विविध क्षेत्रों में रचनात्मकता, तकनीकी विशेषज्ञता और सामाजिक सरोकारों का सशक्त उदाहरण हैं। इनमें शामिल हैं:
पिक्सीप्लॉट (Pixieplot): Pixieplot एक रचनात्मक डिजिटल स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो कहानियों को माता-पिता या दादा-दादी जैसी परिचित आवाज़ों में प्रस्तुत करने की सुविधा देता है और बच्चों को अपनी ही कहानी का नायक बनने का अवसर प्रदान करता है।
जोबिक (Zobique): एआई आधारित करियर मार्गदर्शन प्लेटफॉर्म, जो छात्रों और युवाओं को करियर चयन, कौशल अंतर पहचान और नौकरी/इंटर्नशिप खोजने में मदद करता है।
वंदे IoT: इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) क्षेत्र में कार्यरत एक डीप-टेक स्टार्टअप, जो स्मार्ट और डेटा आधारित समाधान प्रदान करता है।
राज्य नीति, उद्योग सह
योग और शैक्षणिक समर्थन को जोड़कर MRIIF का उद्देश्य मजबूत स्टार्टअप्स तैयार करना, रोजगार सृजन करना और वास्तविक समस्याओं का समाधान देना है। यह उपलब्धि दिखाती है कि हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम नए विचारों और युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
