
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) और अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर हजारों बिजली कर्मचारी 12, फरवरी को हड़ताल करेंगे। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए बुधवार को ईईएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा,ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी, सर्कल सचिव कृष्ण कुमार, एनआईटी यूनिट के प्रधान भूप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुबोध कुमार, ओल्ड फरीदाबाद यूनिट के प्रधान करतार सिंह व सचिव प्रवेश बैंसला आदि के नेतृत्व ताबड़तोड़ गेट मीटिंग की और कर्मचारियों से हड़ताल में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण बुधवार को बिजली संबंधी शिकायतों का निवारण नहीं होगी।
इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बजट सत्र के दूसरे हाफ में बिजली संशोधन बिल को पारित करने जा रही है। जिसके बाद सरकारी वितरण निगम के समानांतर लाइसेंसिंग व्यवस्था स्थापित की जाएगी। निजी कंपनियों को कंज्यूमर चुनने का अधिकार होगा। सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी खत्म होने से बिजली की दरें बढ़ेंगी और बिजली गरीब व किसान की पहुंच से बाहर हो जाएगी तथा बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के फैसले अनुसार ठेका कर्मियों को पक्का करने की बजाय एचकेआरएन में डाक्यूमेंट्स अपलोड करवाके ठेका कर्मियों को 58 साल तक कच्चा रखने की पक्की गारंटी है, जिसको स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य कर्मियों के लिए अलग से वेतन आयोग गठित करने और पांच हजार रुपए अंतरिम राहत देने, पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली करने,18 महीने के बकाया डीए डीआर को रिलीज करने आदि मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि एचकेआरएन में ठेका कर्मचारियों को उनके घरों से 200-300 किलोमीटर दूर तैनात किया गया है, जबकि उनके गृह जिले में पद रिक्त हैं।
