
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / हम पीपल को पूजते हैं, हम बड़ को पूजते हैं, है, हम तुलसी को पूजते हैं क्योंकि हम प्रकृति के उपासक हैं। पर्यावरण की रक्षा ही देश और मानवता की सच्ची रक्षा है। हम वृक्षों को देव और नदी को माँ मानते हैं। पर्यावरण को क्षति पहुँचाने वाले किसी भी कृत्य से हम सबको बचना चाहिए। उक्त विचार रविवार को बल्लबगढ़ में आदर्श नगर स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित विराट हिन्दू सम्मलेन के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में पधारे पूज्य संतश्री भैयाजी महाराज ने व्यक्त किये।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग शारीरिक शिक्षण प्रमुख डॉ. मोहन ने स्वदेशी पर जोर देते हुए कहा कि हम सब को स्वदेशी पहनना चाहिए, स्वदेशी खाना चाहिए, स्वदेशी भाषा का प्रयोग करना चाहिए। स्वदेशी के माध्यम से ही हम एक आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह शताब्दी वर्ष चल रहा है और इस शताब्दी वर्ष में पुरे देश में हिन्दू सम्मेलनों के माध्यम से संघ पंच परिवर्तन का आवाहन कर रहा है। ये पंच परिवर्तन हैं – स्वदेशी, सामाजिक समरसता, पर्यावरण, परिवार प्रबोधन, एवं नागरिक कर्त्तव्य।
इस अवसर पर भारत माता की जय, वन्दे मातरम् और जय श्री राम के जयघोष के साथ देशभक्ति के गीत, अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। अनेक स्कूलों के बच्चों द्वारा नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत की गयीं। नाटिकाओं के माध्यम से स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का बहुत ही सुन्दर सन्देश दिया गया।
विष्णु स्वामी निर्मोही अखाडा के नागा संतश्री राजदास जी महाराज ने हिन्दू संगठन, हिन्दू संस्कार, और हिन्दू धर्म ग्रंथों के अध्ययन पर जोर देते हुए कहा कि सनातन धर्म ही मानव धर्म है। उन्होंने मातृशक्ति से आवाहन किया कि माताएं बच्चों को छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरुगोविंद सिंह और भगत सिंह जैसे महापुरुषों की शौर्यगाथाएं सुनाएँ और उन्हें सुसंस्कारित एवं बलशाली बनायें।
सैनिक पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य रेनू आर्य ने नागरिक कर्तव्यों के पालन पर जोर देते हुए कहा कि यदि हम सभी अपने अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें तो हमें कभी अधिकार के लिए लड़ने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।
अग्रवाल कॉलेज से सेवानिवृत डॉ. टी डी दिनकर ने सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जाति व जन्म के आधार पर कोई ऊंच या नीच नहीं होता, अपने कर्मों के आधार पर ही मनुष्य ऊंच या नीच बनता है। अतः हम सब को ऊंच नीच का भेद मिटाकर समस्त हिन्दू समाज को एकजुट रहना होगा। यही समय की पुकार है।
राष्ट्र सेविका समिति की संपर्क प्रमुख बहिन ममता ने परिवार प्रबोधन की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि परिवार ही देश व समाज की धुरी है। इसलिए टूटते बिखरते परिवारों को संभालना, एकजुट रखना, सुसंस्कारित कर मजबूत एवं आदर्श परिवार बनाना हम सभी की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्त्ता बहिन वसुंधरा शर्मा ने बहुत ही सुन्दर एवं सार्थक मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम की भव्यता को और निखार दिया।
इस अवसर पर विराट हिन्दू सम्मलेन के संयोजक राकेश शर्मा, संघ के बल्लबगढ़ नगर संघचालक राजेंद्र जैन, संघ के उप नगर कार्यवाह विशाल राठौर, प्रदीप जी, दिलीप जी, ज्योति जी, बबीता जी, द्वारिकानाथ जी, प्रवीण सिंगला जी, मोहन श्याम जी, सौरभ जी, सूबेदार उदयवीर जी उपस्थित थे।
