
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जहां एक ओर बाजार में 24 कैरेट सोने के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट फेस्टिवल में 24 कैरेट गोल्ड से बनी पेंटिंग्स लोगों को हैरान कर रही हैं। इस बार मेले में पेंटिंग गुरु और प्रख्यात शिल्पकार गोपाल प्रसाद शर्मा की स्टॉल पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जयपुर निवासी गोपाल प्रसाद शर्मा गोल्ड पेंटिंग के उस्ताद माने जाते हैं और उनकी कलाकृतियां कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
गोपाल प्रसाद शर्मा ने बताया कि उनकी कला उन्हें विरासत में मिली है। उनके दादा देवी लाल और पिता कन्हैया लाल शर्मा विजोलिया राजघराने में पेंटर थे और महलों व दीवारों पर भित्ति चित्र बनाया करते थे। उन्होंने पहले मिनिएचर पेंटिंग से शुरुआत की, लेकिन अब वे 24 कैरेट गोल्ड से ऐतिहासिक और धार्मिक पेंटिंग्स तैयार कर रहे हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये तक है।
पुरस्कार:— गोपाल प्रसाद शर्मा को अब तक 36 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें पहला जिला पुरस्कार 1993 में जयपुर में मिला, जबकि 1990 में राजस्थान के राज्यपाल से स्टेट अवॉर्ड प्राप्त हुआ। 1999 में मेवाड़ फाउंडेशन द्वारा महाराणा सज्जन सिंह सम्मान, 2000 में नगर निगम जयपुर से बेस्ट आर्टिस्ट अवॉर्ड और 2001 में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज हुआ। इसके अलावा 2001 में भारत सरकार का नेशनल मेरिट अवॉर्ड, 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से सम्मान, 2009 में सूरजकुंड मेले में कलामणि का पहला पुरस्कार, 2011 में जर्मनी में 60 देशों के बीच पहला स्थान, 2014 में सूरजकुंड में पारंपरिक इंटरनेशनल अवॉर्ड और 2018 में भारत सरकार द्वारा शिल्पगुरु अवॉर्ड व गोल्ड मेडल दिया गया। 2021 में राजस्थान सरकार ने उन्हें शिल्प रत्न और 2024 में कलानिधि अवॉर्ड से नवाजा। गोपाल प्रसाद शर्मा ने सबसे छोटे चित्र राई के दाने पर बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। एक एमएम के इन चित्रों में महात्मा गांधी, महाराणा प्रताप और मदर टेरेसा जैसी महान हस्तियों के चित्र शामिल हैं। वे अपनी पेंटिंग्स नेचुरल कलर्स से बनाते हैं, जिनमें बारीकी और धैर्य की अद्भुत मिसाल देखने को मिलती है। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में उन पर मास्टर्स और मेवात यूनिवर्सिटी में पीएचडी भी हो चुकी है।
10 लाख रूपये तक की पेंटिग्स: सूरजकुंड मेले में उनकी मुख्य आकर्षण पेंटिंग ‘”राम दरबार” है, जिसमें पहली बार 500 फिगर का प्रयोग किया गया है। यहां उनकी पेंटिंग्स 500 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक उपलब्ध हैं। गोपाल प्रसाद शर्मा 2001 से लगातार सूरजकुंड मेले में आ रहे हैं और अब उनकी ख्वाहिश देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री को हासिल करने की है।
