
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के तीसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में भक्ति की अनूठी छटा दिखाई दी। देर शाम देशभर में अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण भजनों के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर भजन गायक हेमंत बृजवासी के भजनों ने मेला परिसर को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही हेमंत बृजवासी मुख्य चौपाल के मंच पर पहुंचे, पांडाल तालियों की गूंज से भर उठा और उपस्थित जनसमूह में श्रद्धा भाव से खासा उत्साह देखने को मिला।
दिनभर की चहल-पहल के बाद रात की रौनक बनी खास
सूरजकुंड मेले में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिफ्ट मेले का तीसरा दिन खास बन गया,जब दिन में खरीदारी और मेलों की रौनक के बाद जैसे ही शाम हुई, हेमंत बृजवासी ने भजनों से पूरे वातावरण को श्रद्धा भाव में बदल दिया। मेले में आए लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ मंच के सामने जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। मशहूर भजन गायक हेमंत बृजवासी द्वारा राधे राधे के मधुर भजनों से कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद ही संपूर्ण पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो गया। सैकड़ों श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे। सांस्कृतिक संध्या में काली कमली वाले, दीवाना राधे का सहित भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
गौरतलब है कि शिल्प मेला परिसर में 15 फरवरी तक रोजाना मुख्य चौपाल,छोटी व महा चौपाल पर देश-विदेश के प्रख्यात कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां देते हुए मेले को शोभायमान किया जा रहा है। हरियाणा पर्यटन निगम व कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की तरफ से प्रतिदिन शाम के समय सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का बेहतरीन आयोजन किया जा रहा है। हर संध्या पर देश के जाने-माने कलाकार अपनी गायकी के जादू से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं।
इस वर्ष सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में स्थापित भारत ट्यूलिप पवेलियन पर्यटकों और खरीदारों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पवेलियन विरासत से वैश्विक बाजारों तक के विजन पर आधारित है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों को बिना किसी बिचौलियों के सीधे बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है।
भारत ट्यूलिप पवेलियन में फरीदाबाद की स्थानीय शिल्पकार श्यामावती द्वारा स्टॉल नम्बर 503 लगाई गई है, जो मिट्टी के बर्तनों के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उनकी स्टॉल पर मिट्टी से बनी कढ़ाई, पानी की बोतलें और अन्य रसोई उत्पादों का विस्तृत संग्रह मौजूद है, जो पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को बढ़ावा दे रहे हैं। शिल्पकार श्यामावती ने बताया कि मिट्टी के बर्तन में खाना बनाना स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक फायदेमंद है, क्योंकि यह भोजन में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और मैग्नीशियम जैसे खनिजों को जोड़ता है और पोषक तत्वों को सुरक्षित रखता है। मिट्टी की क्षारीय प्रकृति भोजन के एसिड को बेअसर करती है, जिससे पाचन में सुधार होता है और तेल का भी कम उपयोग होता है।
कारीगरों की आजीविका को बढ़ा रहा भारत ट्यूलिप
सूरजकुंड मेले में विभिन्न राज्यों के कारीगरों को एक मंच प्रदान कर यह मिशन न केवल उनकी कला को जीवित रख रहा है, बल्कि उनकी आजीविका में भी सकारात्मक सुधार ला रहा है। भारत ट्यूलिप पवेलियन भारतीय पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप ढालने का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है। इसके साथ ही कारीगरों की आजीविका को बढ़ा रहा है।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में मिस्र की हस्तशिल्प और संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र
अरावली की पहाड़ियों में स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39 वां अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष मेले में मिस्र की थीम कंट्री के रूप में चुना गया है, जिसकी समृद्ध संस्कृति और अनूठी कलाकृति पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की झलक
मेला परिसर के अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की कला को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्टॉल्स लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से मेले में आए पर्यटकों को थीम कंट्री की संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्टॉल नंबर 3 पर शिल्पकार सनर हासनीन द्वारा प्रदर्शित उत्पाद पर्यटकों को काफी पसंद आ रहेहैं। उनके स्टॉल पर हैंडमेड फैब्रिक से बने कपड़े, खजूर के पेड़ के रेशों से बनी पारंपरिक टोकरियाँ, ऊन से तैयार पारंपरिक मिस्र के कालीन और दीवार सज्जा की वस्तुएं उपलब्ध है,जो मेले में आए पर्यटकों को खूब लुभा रहे है। पर्यटक इन उत्पादों की जमकर खरीदारी भी कर रहे है।
मिस्र के शिल्पकारों ने मेले में उपलब्ध कराई गई विश्वस्तरीय सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति संतोष व्यक्त किया है। शिल्पकार सनम हासनीन ने भारत सरकार और हरियाणा सरकार का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से उन्हें अपनी संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिला है।
ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता, कारीगरी और संस्कृति का प्रतीक बना सूरजकुंड शिल्प मेला
पर्यटन विभाग द्वारा फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित 39 वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में हरियाणा, थीम स्टेट मेघालय व उत्तर प्रदेश के साथ-साथ विभिन्न राज्यों व विदेशों के शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, हैंडलूम,जैविक उत्पाद, सजावटी वस्तुएं,और दैनिक उपयोग की वस्तुएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
हरियाणा सरकार में पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित यह मेला ग्रामीण हस्तशिल्प,संस्कृति और व्यंजनों का अद्भुत संगम बना है, जहां हरियाणा सहित देश व विदेश से आए शिल्पकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन व विक्री कर रहे है। देश व विदेश से आए शिल्पकारों द्वारा सूरजकुंड मेले की खूब सराहना की जा रही है।
सूरजकुंड का यह मेला न केवल ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि पर्यटकों को भी एक अनूठा अनुभव प्रदान कर रहा है। इस मेले में हस्तशिल्प,हैंडलूम, जैविक उत्पाद, सजावटी वस्तुएं और दैनिक उपयोग की वस्तुएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पर्यटन विभाग द्वारा सूरजकुंड मेले का आयोजन 15 फरवरी तक किया जा रहा है।
सूरजकुंड मेला देश व विदेश के शिल्पकारों को एक मंच प्रदान कर रहा है, जहां ये अपने उत्पादों को प्रदर्शित करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बना रहे है। सूरजकुंड मेला शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने और अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में सहायक सिद्ध हो रहा है। सूरजकुंड मेला सिर्फ खरीदारी के लिए ही नहीं,बल्कि हरियाणा के साथ-साथ भारतकी विविधतापूर्ण संस्कृति को जानने और समझने का भी स्थान है। यहाँ देश विदेश के लोक कलाकार अपने नृत्य और संगीत का प्रदर्शन करते हैं, जिससे यह मेला और भी मनोरंजक बन जाता है।
सूरजकुंड का यह 39वां अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला देशभर के बेहतरीन शिल्पकारी द्वारा तैयार शिल्प और हैंडलूम उत्पाद, उत्कृष्ट वस्तुओं के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और कला के शानदार प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है।
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मेघालय की शिल्पकार इल्डा सुगोट लेकर आई बांस से बने आकर्षक व उपयोगी उत्पाद
– शिल्पकार ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा सूरजकुंड मेला
अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक हस्तशिल्प एवं उत्पादों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसी कड़ी में स्टाल नंबर 326 पर मेघालय से आईं इल्डा सुगोट बांस से बने आकर्षक और उपयोगी उत्पादों के साथ आगंतुकों का ध्यान खींच रही हैं।
शिल्पकार इल्डा सुगोट ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए बांस से बने उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ टिकाऊ और आकर्षक भी हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।उनके स्टाल पर बांस से बनी टोकरी, चिमटा, बच्चों के खिलौने, फ्लावर बास्केट, बैंबू पंखे सहित कई पारंपरिक एवं हस्त निर्मित वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, उनके पास हल्दी,आंवला कैंडी, तेजपत्ता, चुन डाल, चिन्नी जैसे घरेलू एवं प्राकृतिक उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।
इल्डा सुगोट ने बताया कि सूरजकुंड मेला के माध्यम से हरियाणा सरकार शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान कर रही है। इस मेले के माध्यम से न केवल पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का भी अवसर मिल रहा है।अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला देश की विविध संस्कृति,कला और हस्तशिल्प को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर लोकल टू ग्लोबल की भावना को मजबूत कर रहा है। उन्होंने सूरजकुंड मेले के आयोजन के लिए हरियाणा सरकार का आभार भी जताया।
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सूरजकुंड मेले में ‘मिलेट्स फूड’ स्टॉल बन रही पर्यटकों की पहली पसंद
मिलेट्स को लोगों की थाली तक पहुंचा रही रेवाड़ी के गांव डवाना की अनिता
मिशन के सहारे मिलेटस में पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत में सहभागी बन रही अनिता
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में मोटे अनाज (श्रीअन्न) को बढ़ावा देने और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल को ज़मीनी स्तर पर साकार करने का कार्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से किया जा रहा है। इसी कड़ी में रेवाड़ी जिले के गांव डवाना की अनिता देवी मोटे अनाज से बने उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
रेवाड़ी के गांव डवाना निवासी अनिता देवी द्वारा तैयार किए गए मिलेट्स उत्पाद इन दिनों फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। ‘लोकल फॉर ग्लोबल–आत्मनिर्भर भारत की पहचान’ थीम के तहत आयोजित इस मेले के फूड कोर्ट में डवाना एग्रो किसान उत्पादक संगठन के सौजन्य से अनिता देवी ने ‘मिलेट्स फूड’ के नाम से स्टॉल लगाई हुई है।
जंक फूड से बढ़ती बीमारियों के खिलाफ मिलेट्स एक बेहतर विकल्प
अनिता देवी बताती हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण लोग तेजी से जंक फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी सेहत में 70 से 80 प्रतिशत भूमिका खानपान की होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने मोटे अनाज को फिर से लोगों की थाली तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
उनकी स्टॉल पर बाजरा लड्डू, रागी लड्डू, बाजरा नमकीन, बाजरा मठरी, बाजरा खिचड़ी, बाजरा आटा, बाजरा बिस्कुट, स्पेशल मिलेट्स थाली, मोरिंगा पराठा, बाजरा पिज्जा, मिलेट्स पकौड़े, गुड़ चाय, मोरिंगा चाय, लस्सी सहित कई स्वादिष्ट और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हैं, जिन्हें पर्यटक खूब पसंद कर रहे हैं।
रोटी तक सीमित नहीं रहे मिलेट्स, बने हर वर्ग की पसंद
अनिता देवी का कहना है कि अब मिलेट्स केवल रोटी या पारंपरिक भोजन तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि इन्हें नाश्ते, स्नैक्स और मिठाइयों में भी सफलतापूर्वक शामिल किया गया है। ज्वार रोटी, ज्वार खिचड़ी, ज्वार हलवा जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ बाजरा पिज्जा, मिलेट्स पकौड़े, नमकीन और बिस्कुट भी लोगों को खूब भा रहे हैं। उन्होंने मेले में आने वाले पर्यटकों से आह्वान किया कि वे मोटे अनाज को अपनी दैनिक डाइट का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया कि बाजरा कैल्शियम से भरपूर होता है, ज्वार में पोटैशियम और फास्फोरस पाया जाता है, कंगनी में फाइबर होता है जबकि कोदो आयरन से भरपूर होता है।
युवाओं से अपील: जंक फूड छोड़ अपनाएं मिलेट्स
केंद्र और राज्य सरकार श्रीअन्न यानी मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मोटे अनाजों के सेवन से मोटापा, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। अनिता देवी ने कहा कि युवाओं को जंक फूड छोड़कर पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
सुपरफूड और क्लाइमेट स्मार्ट अनाज हैं मिलेट्स
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के रूप में मनाया गया था। मिलेट्स कम पानी, कम उर्वरक और कम उपजाऊ भूमि में भी उगाए जा सकते हैं। ये उच्च तापमान में भी अच्छी फसल देते हैं, इसलिए इन्हें क्लाइमेट स्मार्ट अनाज कहा जाता है। मिलेट्स में प्रोटीन, फाइबर, बी-विटामिन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि इन्हें सुपरफूड और स्मार्टफूड कहा जाता है। ये ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित रखने में भी सहायक होते हैं।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम से लेकर जुबां पे राधा राधा से गूंजा मेला परिसर
हेमंत बृजवासी द्वारा सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत जय राधे-राधे भजन से हुई, इसके पश्चात किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम, दीवाना राधे का और जुबां पे राधा राधा जैसे भजनों से मेला परिसर भक्ति के रंग से सराबोर हो गया।मुख्य चौपाल में कई लोग मंच के सामने झूमते नजर आए, तो कई शांत भाव से बैठकर भक्ति रस का आनंद लेते रहे। हेमंत बृजवासी की आवाज में भक्ति का ऐसा रंग था कि लोग खुद को रोक नहीं पाए। रोशनी और साउंड सिस्टम के साथ भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी खास बना दिया। सूरजकुंड मेले में आयोजित यह संध्या लोगों के लिए एक यादगार रात बन गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी लोग हेमंत बृजवासी के भजनों की सराहना करते नजर आए।
