
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / पहलवानी में नाना जगरूप सिंह राठी व मौसी नेहा राठी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहर की बेटी स्नेहा दहिया अखाड़े में खूब बाजी मार रही है। थाईलैंड में पिछले दिनों हुई रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद स्नेहा ने एक बार अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
विशाखापट्नम में संपन्न हुई नैशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में स्नेहा ने गोल्ड मेडल जीतकर अपने प्रदेश का नाम रोशन किया है।
तीन से पांच जनवरी तक विशाखापट्नम के रामाकृष्णा जगह में नैशनल बीच ग्रेफलिंग चैंपियनशिप आयोजित हुई थी, जिसमें विभिन्न प्रदेशों के पहलवानों ने भागीदारी की थी। इसमें फरीदाबाद से 77 किलोभार वर्ग के जूनियर वर्ग में स्नेहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर भाग लिया था।
इंडियन बीच ग्रेपलिंग के अध्यक्ष दिनेश कपूर और सचिव बृजु शर्मा ने स्नेहा को प्रशस्ति पत्र देते हुए गोल्ड मेडल पहना कर बधाई दी। वहीं स्नेहा दहिया का सात दिसंबर को थाईलैंड में फाइनल मुकाबला हुआ था, जिसमें स्नेहा का थाईलैंड की पहलवान खिलाड़ी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। दोनों जीतने के प्रयास में जुटी थी। स्नेहा प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को हरा नहीं पा रही थी। आखिर में स्नेहा ने अपने गुरु एवं नाना जगरूप सिंह राठी और मौसी नेहा राठी के बताए गए टिप्स को ध्यान में रख कर दांव लगाए। आखिर में स्नेहा ने प्रतिद्वंद्वी पहलवान को निर्धारित पांच मिनट से पहले ही चित कर देश के लिए मेडल जीत लिया था।
स्नेहा जगरूप सिंह राठी अकैडमी में कुश्ती के दांव पेंच सीखती हैं। 21 साल की स्नेहा बीए कर रही हैं और उसे अपने नाना, मौसी, मामी को देखकर पहलवानी का शौक चढ़ा। वह पांच साल पहले अखाड़े में आ गई थी। स्नहेा ने जीत का श्रेय अपने पिता सुशील दहिया, माता लक्ष्मी, कोच जगरूप सिंह राठी व नेहा राठी को देती हैं।
