
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नई दिल्ली :—- भविष्य में इंडस्ट्रीज की जरूरत को देखते हुए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत अपैरल मेडअप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल (एएमएचएसएससी/AMHSSC ) ने वर्ष 2026 के लिए अपनी नई रणनीतिक कार्य योजना पेश की है। इसका उद्देश्य भारत के परिधान उद्योग को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाना है। इस योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एमएसएमई क्लस्टर विकास और लीडरशिप स्तर के कौशल प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
एएमएचएसएससी ने स्पष्ट किया है कि सिलाई मशीन ऑपरेटर की भूमिका आगे भी बनी रहेगी, क्योंकि यह भारत के अपैरल क्षेत्र का मजबूत स्तंभ है। इसके साथ ही इंडस्ट्री 4.0 की दिशा में आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीकों को प्रशिक्षण से जोड़ने पर काम करेगी। इसके तहत देशभर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) स्थापित करना है। इन केंद्रों में पारंपरिक सिलाई प्रशिक्षण के साथ-साथ एआई आधारित लर्निंग, उत्पादकता बढ़ाने वाले टूल्स और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों को शामिल किया जाएगा, जिससे युवाओं की वैश्विक स्तर पर रोजगार क्षमता बढ़ सके।
एएमएचएसएससी के चेयरमैन डॉ. ए. सक्थिवेल ने कहा कि यह कार्ययोजना समय की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। अपैरल एंड टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री का भविष्य तकनीक, सतत विकास और मजबूत नेतृत्व पर आधारित है। इस रोड मैप के जरिए हम अपने वर्कफोर्स को न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं।
एएमएचएसएससी के सीईओ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि 2026 का फोकस तकनीक-सक्षम प्रतिभाओं को तैयार करने पर है। एआई और सस्टेनेबिलिटी को पाठ्यक्रम में शामिल कर हम भविष्य की फैक्ट्रियों के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। एमएसएमई क्लस्टर और नेतृत्व भूमिकाओं पर ध्यान देने से कौशल विकास उद्योग के हर स्तर तक पहुंचेगा।
एएमएचएसएससी का दूसरा फोकस एमएसएमई और क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण है। इसके तहत छोटे और मध्यम उद्यमों को स्थानीय स्तर पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता, उत्पादन और निर्यात क्षमता बढ़ सके। एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत अब सुपरवाइजर और लीडरशिप स्तर की नई जॉब रोल भी शुरू की जाएंगी। इससे युवाओं को केवल शुरुआती नौकरी ही नहीं, बल्कि एक स्पष्ट करियर ग्रोथ का रास्ता मिलेगा। साथ ही, सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सस्टेनेबिलिटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
यह रोडमैप- 2025 के बेहतर प्रदर्शन के बाद पेश किया गया है। वर्ष- 2025 में एएमएचएसएससी ने 1.69 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रमाणित किया। इनमें पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 83,817, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 12,272 उम्मीदवार और अन्य योजना के तहत 73,024 शामिल रहे। इसके अलावा, नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत 201 परिधान और वस्त्र इकाइयों ने पंजीकरण कराया और 4,414 अप्रेंटिसशिप कॉन्ट्रैक्ट हुए।
