
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा फरीदाबाद में जूनियर रेड क्रॉस एवं सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड अधिकारी प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत व्यापक जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह अभियान जिला एवं राज्य स्तर पर चलाए जा रहे बाल विवाह उन्मूलन प्रयासों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
प्राचार्य मनचंदा एवं प्राध्यापिका दीपांजलि ने विद्यार्थियों को बताया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास में बाधा उत्पन्न करता है बल्कि उनके शिक्षा के अधिकार, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। बाल विवाह निषेध अधिनियम से संबंधित आवश्यक तथ्यों, बाल अधिकारों तथा समाज में इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर विद्यालय स्तर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम, जागरूकता संदेश, पोस्टर एवं स्लोगन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने बाल विवाह के विरुद्ध अपने विचार और संकल्प व्यक्त किए जा रहे हैं जिससे उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और आत्मविश्वास का विकास हो सके।
इस अभियान के माध्यम से यह संदेश सशक्त रूप से स्थापित किया गया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासनिक दायित्व ही नहीं बल्कि समाज, परिवार, विद्यालय और युवाओं के सामूहिक प्रयास से ही संभव है। विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी गई कि वे अपने परिवेश में बाल विवाह के प्रति सजग रहें और जागरूकता फैलाएँ और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएँ।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य मनचन्दा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह रोकने और सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने का प्रयास केवल एक अभियान नहीं बल्कि समाज के प्रति हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में दीपांजली शर्मा पी जी टी शारीरिक शिक्षा द्वारा किए गए समन्वय और उत्कृष्ट व्यवस्थापन की सराहना की और साथ ही अन्य शिक्षकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने बच्चों में जागरूकता फैलाने और कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रधानाचार्य ने सभी से आग्रह किया कि वे इस संदेश को अपने परिवार और समाज में भी फैलाएँ और “बाल विवाह मुक्त भारत” के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
