
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी.बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संविधान दिवस का उत्सव गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थी प्रतिवर्ष संविधान दिवस मनाते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम का विशेष महत्व रहा क्योंकि इसका थीम ‘वंदे मातरम्’ रखा गया, जो हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित था। विद्यार्थियों ने कुलगुरु प्रो.राजीव कुमार को ‘राष्ट्रीय गीत’ वाला एक सुंदर फ्रेम भेंट किया।
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली से अधिवक्ता पंचजन्य विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य, भारतीय संविधान की महत्ता तथा उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं को संवैधानिक जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अन्य विशिष्ट अतिथि प्रखर ने ‘भारत की चित्त और आत्मा’ विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि भारत की दार्शनिक परंपरा तथा संविधान में निहित लचीलापन कैसे देश के विकास, उन्नति और स्थिरता को मजबूत करता है।
विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने वंदे मातरम् के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। उन्होंने छात्रों को अपने संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितों ने भारतीय संविधान का पालन करने, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने तथा न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को जीवन में अपनाने की शपथ ली। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को और अधिक सुदृढ़ किया।
