
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए फरीदाबाद द्वारा आईपीआर, इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन/स्टार्टअप डिवीज़न तथा इंस्टिट्यूट इनोवेशन कॉउंसिल (आईआईसी 8.0) के तहत उद्यमिता एवं निवेशक सम्मेलन 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जाने-माने उद्यमियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं तथा छात्र इनोवेटर्स ने भाग लिया और स्टार्टअप को बढ़ावा देने, निवेश जुटाने तथा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय एनईपी 2020 के तहत छात्र-केंद्रित वातावरण तैयार कर स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इससे पहले कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जे.सी. बोस बिज़नेस टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन इनक्यूबेटर के निदेशक प्रो. संजीव गोयल ने विश्वविद्यालय द्वारा स्टार्टअप संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कुलसचिव प्रो. अजय रंगा ने ऐसे आयोजनों को इनोवेटर्स एवं उद्यमिता की प्रेरणा बताया।
कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। हारट्रॉन इनोवेशन हब के पूर्व प्रमुख राजीव गुलाटी ने उद्योग की आवश्यकताओं पर बल दिया। बायोरएक्स वेंचर एडवाइजर्स के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. विशाल गांधी ने स्वास्थ्य क्षेत्र के इनोवेटर्स की भूमिका पर चर्चा की। एआईसी-आईआईटी दिल्ली के सीईओ डॉ. सी.एस. यादव ने सरकारी योजनाओं से छात्रों को अवगत करवाया तथा डीएसटी से वैज्ञानिक ‘सी’ डॉ. के.पी. सिंह ने रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप के अवसरों पर प्रकाश डाला।
शकुंतलम हॉल में लगी आईडियाथॉन प्रदर्शनी में छात्रों के नवीन प्रोजेक्ट्स को निर्णायकों द्वारा सराहा गया। इसके उपरांत कुलपति प्रो. राजीव कुमार की अध्यक्षता में निवेशक बैठक का आयोजन हुआ जिसमें अलोक पांडेय (सीईओ, एआईसी-आईआईटी दिल्ली), संघमित्रा भसीन (वधवानी फाउंडेशन), डॉ. विशाल गांधी (इंडियन हेल्थकेयर एंजेल्स), डॉ. विभूति अग्रवाल (रियल टाइम एंजेल फंड), मुकुल आजाद (हरियाणा स्टार्टअप सेल) तथा डॉ. हिमांशु अग्रवाल (एआईसी-आईआईटी दिल्ली) ने भाग लिया। सत्र के दौरान निवेशकों के समक्ष कुल 20 स्टार्टअप विचार प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के दौरान जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा एआईसी-आईआईटी दिल्ली और वधवानी फाउंडेशन के बीच दो समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिससे संयुक्त इनक्यूबेशन, मेंटरशिप तथा फंडिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। अंत में आईआईसी अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा निरंतर नवप्रवर्तन की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम का सफल संचालन आईआईसी की उपाध्यक्ष डॉ. पूनम, संयोजक डॉ. निखिल देव तथा अन्य आईआईसी सदस्यों डॉ. नीतू गुप्ता, डॉ. पायल गुलाटी, डॉ. सोनम खेरा, डॉ. परवीन गोयल, डॉ. निमिषा, डॉ. साक्षी तिवारी एवं डॉ. अश्लेषा गुप्ता द्वारा किया गया।
