
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ में अर्थशास्त्र विभाग एवं एस.डी.जी क्लब द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। राष्ट्री सम्मेलन का विषय “सतत विकास लक्ष्य एवं उच्च शिक्षा संस्थान” रहा। यह सम्मलेन उच्च शिक्षा निदेशक, हरियाणा द्वारा प्रायोजित था। सम्मेलन का आरंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने बाहर से आए विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए अपने वक्तव्य में कहा की भारतीय दर्शन का मूल “वसुधैव कुटुंबकम” है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास समय की मांग है और उच्च शिक्षा संस्थान इसमें अपनी पूरी भूमिका निभा सकते हैं। प्राचार्य जी की प्रेरणा व दिशा निर्देशन से महाविद्यालय में समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है। सम्मेलन के प्रथम दिन कुल 130 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण
करवाया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रोफेसर राज नेहरू, कुलपति विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पधारे। उन्होंने बताया कि भारत में सतत विकास का विचार प्राचीन समय से प्रचलित है। उन्होंने सभी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों को ब्लूम की वर्गीकरण थ्योरी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया और महाविद्यालय को राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने के लिए बधाई दी। डॉ. मनोज शुक्ला, कार्यक्रम संयोजक, अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ ने सम्मेलन का संक्षिप्त विवरण दिया। डॉ. एस.के.चक्रवर्ती, भूतपूर्व प्रोफेसर, एन. आई. टी कुरुक्षेत्र सम्मानीय अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्य वक्ता के तौर पर के.के चक्रवर्ती, भूतपूर्व डायरेक्टर, ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी पधारे। उन्होंने “भारतीय उद्योग में ऊर्जा दक्षता पर डीकार्बोनाइजेशन और सर्वोत्तम अभ्यास” विषय पर बात की। उन्होंने कहा की ऊर्जा संरक्षण और प्रबंधन निस्संदेह हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम हर दिन जो कुछ भी करते हैं उसके लिए हम ऊर्जा पर ही निर्भर रहते हैं। उद्घाटन सत्र का
समापन डॉ. गीता गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन द्वारा हुआ। सम्मेलन को कुल 6 तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया जिसमें से तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन पहले ही दिन हुआ। प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता श्री के.के. चक्रवर्ती जी ने की। इस सत्र में प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनका विषय “शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु एन.ई.पी 2020 के लिए मूल्यांकन एवं मान्यताका मानचित्रण” था। इस सत्र की प्रतिवेदक डॉ. रेखा सैन रही। दूसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. एस.के.चक्रवर्ती जी ने की। इसमें प्रोफेसर ऋतु गांधी अरोड़ा, डीएवी
इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट और डॉ. मनोज शुक्ला, अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ ने मुख्य व्याख्यान दिया। दूसरे तकनीकी सत्र की प्रतिवेदक श्रीमती प्रिया अरोड़ा रही। तीसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. मनोज शुक्ला जी ने की। प्रोफेसर रवीश गर्ग, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं श्रीमति त्रि सेप्टयना कुरण्याती, इंस्टिट्यूट सेनि इंडोनेशिया योग्यकरता, इंडोनेशिया ने मुख्य व्याख्यान दिया। इसकी प्रतिवेदक श्रीमती भूमि, सहायक प्रोफेसर, कॉमर्स रही। इस कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक अग्रवाल विद्या प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता जी हैं। प्राचार्य जी के कुशल मार्गदर्शन व संरक्षण से सम्मेलन को एक आयाम दिया गया व अतिथियों को सम्मान के प्रतीक रूप में स्मृति चिन्ह दिए गए। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मनोज शुक्ला, सह-संयोजक डॉ.रामचंद्र व डॉ. रेखा सैन, आयोजन सचिव डॉ.गीता गुप्ता रहे कार्यक्रम में श्रीमती कमल टंडन, डॉ. के.एल. कौशिक, डॉ. नरेश कमरा, श्री रविंद्र जैन, डॉ. अशोक कुमार निराला, डॉ. ऋतू, डॉ. शोभना गोयल, डॉ. सारिका, डॉ. प्रवीण गुप्ता, डॉ. शिल्पा गोयल, डॉ. सचिन गर्ग, श्री विनीत नागपाल भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान द्वारा हुआ।
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