
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भारत की ओर से घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव राय ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्लोबल कोड ऑफ एथिक्स फॉर टूरिज्म पर देश का पक्ष मजबूती से रखा। इस सत्र में दुनिया के 193 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे।
राजीव राय ने अपने संबोधन में भारत की सस्टेनेबल डेवलपमेंट और जैव विविधता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि देश जलवायु परिवर्तन के गंभीर मुद्दे पर पूरी दुनिया के साथ मिलकर तेजी से काम कर रहा है। सांसद ने 29वें क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस में तय किए गए एजेंडे में पिछड़ने और मरुस्थलीकरण पर चिंता जताई और कहा कि भारत छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट करता है। उन्होंने बताया कि भारत ने रियायती वित्त, क्षमता निर्माण और इंडिया-यूएन डेवलपमेंट पार्टनरशिप फंड के माध्यम से इन देशों के साथ अपनी साझेदारी मजबूत की है। साथ ही, 2030 तक 2.6 हेक्टेयर क्षतिग्रस्त भूमि के पुनर्स्थापन पर भी जोर दिया।
आपदा जोखिम कम करने के संदर्भ में सांसद ने कहा कि अर्ली वार्निंग सिस्टम और लचीला बुनियादी ढांचा सर्वोच्च प्राथमिकता में होना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि भारत समानता और साझा किंतु विभेदित उत्तरदायित्व के सिद्धांत पर बल देता है।
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख दुनिया को बताने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी सांसद राजीव राय शामिल थे।
