
जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में विश्व उद्यमिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए कुलसचिव प्रो. अजय रँगा।
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा आज विश्व उद्यमिता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर “वोकल फॉर लोकल” थीम के तहत एक पिच चैलेंज – बिजनेस आइडिया प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) और आईपीआर, नवाचार, और इनक्यूबेशन/स्टार्ट-अप डिवीजन के सहयोग से आयोजित किया गया, जो छात्रों में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गयी थी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोनी पॉलिमर्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र श्री राज भाटिया रहे। अन्य वक्ताओं में ओडब्ल्यूएल सिस्टम्स सॉल्यूशंस के चीफ ऑपरेटिंग अफसर श्री पंकज मुंजाल, कापायो सॉल्यूशंस के निदेशक श्री योगेंद्र पाल सिंह, और विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अजय रँगा शामिल थे। इस अवसर पर डीन (अकादमिक मामले) प्रो. अतुल मिश्रा भी मौजूद थे।
कुलगुरु प्रो. सुशील कुमार तोमर ने अपने सन्देश में नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का बिज़नेस टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर उभरते उद्यमियों को मार्गदर्शन, संसाधन और सहयोग प्रदान करता है। उन्होंने छात्रों को उद्यमशीलता के अवसरों को अपनाने और नवीन उद्यमों के माध्यम से देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि श्री राज भाटिया ने अपने उद्यमशीलता अनुभव साझा किये । उन्होंने सफल उद्यम निर्माण में नवाचार और रणनीतिक दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया और छात्रों को चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने और समस्या-समाधान की मानसिकता अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने उद्यमशीलता की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “नौकरी स्थिरता प्रदान कर सकती है, लेकिन उद्यमशीलता आपको ऊंची उड़ान भरने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पंख देती है। उन्होंने छात्रों को पारंपरिक करियर से हटकर सोचने के लिए प्रेरित किया।
श्री योगेंद्र पाल सिंह ने अपने उद्यमशील अनुभव साझा करते हुए छात्रों को नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। श्री पंकज मुंजाल ने नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और समस्या-समाधान को सफल उद्यमशीलता के मूल आधार के रूप में रेखांकित किया।
“छोटा कोई काम नहीं, हुनर से ही नाम सही” थीम पर आधारित पिच चैलेंज प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से 31 छात्र टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने स्थानीय चुनौतियों के समाधान आधारित नवीन व्यवसायिक विचार प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान नवाचार परिषद की अध्यक्ष और आयोजन संयोजक डॉ. रश्मि अग्रवाल ने सभी गणमान्य व्यक्तियों, संकाय सदस्यों और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन की सफलता डॉ. पूनम, डॉ. सपना तनेजा, समन्वय टीम के सदस्य डॉ. अश्लेषा गुप्ता, डॉ. अर्पिता चटर्जी, डॉ. योगिता ओबेरॉय, डॉ. नेहा गोयल और डॉ. कृष्ण वर्मा शामिल रहे।
