
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद में जूनियर रेडक्रॉस और सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड द्वारा प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा के निर्देशानुसार सराय ख्वाजा फरीदाबाद विद्यालय परिसर में विश्व रेड क्रॉस दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमामय ढंग से मनाया गया।
इस वर्ष की थीम “I give with joy, and the joy I give is a reward”, पर रेड क्रॉस की उपयोगिता तथा रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में बताया गया। रेड क्रॉस सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को उजागर करती है। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के जूनियर रेड क्रॉस एवं सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड अधिकारी प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने छात्रों को रेड क्रॉस संस्था के ऐतिहासिक महत्व, उद्देश्य और मानवीय सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1863 में स्विस व्यापारी और मानवतावादी जीन हेनरी ड्यूनांट द्वारा की गई थी। उनका यह योगदान न केवल युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं में पीड़ितों की सहायता के लिए था, बल्कि उनका उद्देश्य था मानवता की सेवा, बिना किसी भेदभाव के।
रेड क्रॉस की स्थापना की प्रेरणा उन्हें सोलफेरिनो नामक युद्ध के दौरान मिली थी, जिसमें उन्होंने घायल सैनिकों की मदद की और वहाँ की परिस्थितियों को देखा। ड्यूनांट ने इस अनुभव को एक पुस्तक के रूप में लिखा, जिसका नाम था “A Memory of Solferino”।
इस पुस्तक ने उन्हें पूरे यूरोप में रेड क्रॉस के सिद्धांतों को फैलाने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद रेड क्रॉस की स्थापना हुई। आज यह संस्था विश्वभर में करोड़ों लोगों की सहायता कर रही है और मानवता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। रेड क्रॉस के सात मूल सिद्धांत – मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता – दुनिया भर में इसके कार्यों की दिशा और उद्देश्य को निर्धारित करते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन और मार्गदर्शन विद्यालय की पीजीटी, शारीरिक शिक्षा दीपांजली शर्मा द्वारा किया गया, जिनकी नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण ने कार्यक्रम को आकर्षक और प्रेरणादायक बना दिया। उन्होंने रेड क्रॉस के सात मूल सिद्धांतों को विद्यार्थियों के समक्ष सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया सुशीला मैम के निर्देशन में भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
सरिता मैम और गीता मैम ने छात्रों को नाटक और प्रस्तुति में सहयोग प्रदान किया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा कक्षा 10 वीं A की दो प्रतिभाशाली छात्राएँ कोमल और शिक्षा द्वारा प्रस्तुत भाषण, जिसमें उन्होंने रेड क्रॉस संस्था के योगदान, मूल्यों और समाज में इसकी आवश्यकता पर प्रभावशाली विचार साझा किए। दोनों छात्राओं की प्रस्तुति ने सभी श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।
इसके अतिरिक्त, एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसमें छात्रों ने आपदा के समय रेड क्रॉस द्वारा किए जाने वाले कार्यों को सजीव अभिनय के माध्यम से दर्शाया। इस नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन दीपांजली शर्मा द्वारा किया गया। समापन अवसर पर प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा उन्हें सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना से समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों का विकास होता है और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जन्म लेती है।
इस आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा, निर्देशन, सांस्कृतिक समन्वय एवं संचालन में दीपांजली शर्मा की विशेष भूमिका रही। उन्होंने कार्यक्रम को न केवल सफल, बल्कि अत्यंत प्रेरणादायक बनाया। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा के दूरदर्शी नेतृत्व, मानवीय दृष्टिकोण और सेवाभाव ने इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप प्रदान किया।
