
जे सी बोस विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित सेमीनार में मंच पर दाएं से बाएं जे पी मल्होत्रा, मुनीश वशिष्ठ, जीतेन्द्र गुप्ता, भारत भूषण, दिव्या ज्योति, ममता बंसल, पूजा छाबड़ा
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के नवगठित वैकल्पिक परामर्श एवं मध्यस्थता प्रकोष्ठ (एसीएमसी) द्वारा आज ‘सामाजिक समस्याओं के लिए समाधान – मध्यस्थता, परामर्श और विवाद प्रबंधन’ विषय पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस प्रकोष्ठ का गठन भयभीत करने वाले सामाजिक-मनोवैज्ञानिक मुद्दों के समाधान के लिए किया गया है।
जागरूकता सत्र में भारत वाल्व्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और डीएलएफ उद्योगों के अध्यक्ष श्री जेपी मल्होत्रा सम्मानित अतिथि थे, जबकि भारतीय सर्वाेच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री जीतेन्द्र गुप्ता मुख्य वक्ता रहे। सत्र की अध्यक्षता इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ प्रदीप डिमरी ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेपी मल्होत्रा ने विभिन्न विवादों से निपटने के अपने अनुभव को साझा किया और कई समस्या-समाधान तकनीकों पर बल दिया। एडवोकेट श्री जीतेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मध्यस्थता एक वैकल्पिक उपाय है जो किफायती, समय बचाने वाला और समाधान उन्मुख है। उन्होंने मध्यस्थता के महत्व को भी बताया और कहा कि मध्यस्थता कभी विफल नहीं होती।
इससे पहले प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ दिव्यज्योति सिंह ने बताया कि इस प्रकोष्ठ की शुरुआत कुलपति प्रो. एसके तोमर और कुलसचिव डॉ सुनील कुमार गर्ग के मार्गदर्शन में की गई है, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत तनाव को दूर करना और लैंगिक सीमाओं से हटकर सहानुभूति उत्पन्न करना है। यह प्रकोष्ठ विशिष्ट और सामान्य दोनों तरह समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगा। प्रकोष्ठ के सदस्यों में मनोचिकित्सक, परामर्शदाता, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, अधिवक्ता और उद्यमी शामिल हैं। इस सत्र का संचालन आयोजन समिति के सदस्यों भारत भूषण, ममता बंसल और पूजा छाबड़ा द्वारा किया गया।
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