
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया तकनीकी विभाग द्वारा “मीडिया साक्षरता और फैक्ट चेकिंग” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र में प्रमुख वक्ता फैक्ट क्रिसेंडो के सह-संस्थापक और प्रधान संपादक राहुल नंबूरी और वरिष्ठ फैक्ट चेकर एवं मीडिया साक्षरता प्रशिक्षक मयूर देवकर रहे। विभागाध्यक्ष डॉ.पवन सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। डॉ. पवन सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ जागरूक व सतर्क रहना बहुत आवश्यक है। डिजिटल फ्रॉड और साइबर ठगी के बढ़ते खतरेकार्यक्रम में छात्रों को डिजिटल फ्रॉड और साइबर ठगी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए गए।
मयूर देवकर ने बताया कि कैसे आजकल नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगा जा रहा है, जिसमें कॉल फॉरवर्डिंग, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने समझाया कि ठग पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाकर ठगी करते हैं।साइबर सुरक्षा और पासवर्ड की अहमियतराहुल नंबूरी ने ऑनलाइन सुरक्षा और प्राइवेसी प्रोटेक्शन पर जोर देते हुए बताया कि टू-स्टेप वेरिफिकेशन को हमेशा ऑन रखना चाहिए ताकि कोई भी आसानी से आपके अकाउंट को एक्सेस न कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में पासवर्ड की जगह पासकी (Passkey) इस्तेमाल की जाएगी, जिससे साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा। साथ ही, यह भी बताया गया कि हमारे पासवर्ड केवल हमारे पास नहीं होते, बल्कि जिन प्लेटफॉर्म पर हम अकाउंट बनाते हैं, उनके पास भी हमारे पासवर्ड स्टोर होते हैं।क्या आपकी प्राइवेसी हो चुकी है लीक?सत्र में छात्रों को एक वेबसाइट के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे यह जांचा जा सकता है कि कितनी बार उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन हुआ है या उनका डेटा लीक हुआ है।
वक्ताओं ने छात्रों को सलाह दी कि वे इंटरनेट पर किसी भी जानकारी पर बिना फैक्ट-चेक किए भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सतर्क रहें।छात्रों की सक्रिय भागीदारीइस कार्यक्रम में पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर सोनिया हुड्डा, सहायक प्रोफेसर डॉ.राहुल आर्य भी उपस्थित रहे। यह व्याख्यान छात्रों के लिए बेहद उपयोगी रहा, जिससे उन्हें मीडिया साक्षरता, साइबर क्राइम से बचाव और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।
