दिल्ली,जनतंत्र टुडे/ दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में एक गैर लाभकारी संस्था आस एन एसोसिएशन फॉर सोशल वेलफेयर रजि0 के प्रयास द्वारा दिव्यांग, नेत्रहीन, मूक एवं बधिर बच्चों के लिए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आस का प्रयास 2025 का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम स्थल को रंग बिरंगे फूलों से सजाया हुआ था। कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना व मुख्य अतिथि के रूप में अंकुश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, राकेश कुमार गुप्ता, उपेन्द्र गुप्ता, पराग जैन, प्रशांत रोहतगी, जयप्रकाश गोयल, रविन्द्र गाडोदिया, अध्यक्षा ललिता गुप्ता, उपाध्यक्ष रामकिशन अग्रवाल, सचिव मुकेश कुमार जैन, सह-सचिव दुर्गेश माथुर, कोषाध्यक्ष राहुल मित्तल, के.के. शाह, दीपिका बंसल, मुनेश जैन, वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा, अजय गाडोदिया,मानसी व नीलू जैन सहित कई गणमान्य लोगों द्वारा दीप प्रज्वलित कर गई थी।
विश्व गुरु भारत नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए दर्जनों दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया था। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उपस्थित सभी लोगों का मनमोह लिया। सभी दिव्यांग, नेत्रहीन, मूक एवं बधिर बच्चों को स्मृति चिन्ह व नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया था।

आस की अध्यक्षा ललिता गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर नेत्रहीन, शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुएं प्रदान कर सहायता प्रदान की गई, जिसमें स्वेटर, कंबल, दाल-चावल-मसाले, कॉपियां, नेत्रहीन छात्रों के लिए बैंत, ब्रेल पेपर, व्हीलचेयर, कान के सुनने की मशीन आदि शामिल थे।
उन्होंने यह भी बताया कि आस एक ऐसी संस्था है, जो लगातार 18 वर्षो से सेवा भाव को मन में लेकर समाज में निर्बल, दिव्यांग तथा जरुरतमंद बच्चों को समान अवसर एवं सह भागीदारी प्रदान करके उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि यह संस्था का वार्शिक कार्यक्रम है, जो दिव्यांग बच्चों को समाज में उचित स्थान प्रदान करने में सेतु का कार्य करती है। इन बच्चों की सांस्कृति प्रस्तुति यह दर्शाती है, कि वह सामान्य बच्चों से किसी भी तरह कम नहीं है।
संस्था के राहुल मित्तल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य एक बेहतर और सर्व समावेशी समाज का निर्माण करना है, जिसमें सभी लोगों को समान अवसर हासिल हो सके। सक्षम सहयोग व नेक इरादे से संचालित पहल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि मैं सभी कि आभारी हूं, जिसने इसे संभव बनाया। अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। संस्था का लक्ष्य दिव्यांग व जरुरतमंद बच्चों को सामान अवसर एवं सह भागीदारी प्रदान करना ताकि उन्हें समाज में न्याय व बराबरी का अधिकार प्राप्त हो एवं उन्हें समाज की मुख्य घारा से जोड़ना है।