
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा बैचलर और मास्टर ऑफ सोशल वर्क कार्यक्रम के सहयोग से परामर्श एवं सामाजिक कार्य पर एक मास्टरक्लास का आयोजन किया गया। इस सत्र का नेतृत्व दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशि रानी ने किया, जिन्होंने परामर्श के व्यावहारिक पहलुओं को सक्रिय गतिविधियों और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से समझाया।
डॉ. रानी ने क्लाइंट प्रतिरोध, परामर्शदाता की दृढ़ता, बचाव तंत्र (डिफेंस मेकैनिज्म), परामर्श में आने वाली बाधाएँ, और असुरक्षा की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिकाओं, मूल्यों और सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए युवा समस्याओं, परामर्श के विस्तार और सामाजिक कार्य में आने वाली चुनौतियों को भी स्पष्ट किया।
सत्र के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और परामर्श तकनीकों के वास्तविक जीवन में उपयोग को समझने के लिए प्रश्न पूछे। यह मास्टर क्लास सामाजिक कार्य के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने का अनुभव साबित हुआ, जिससे उन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए आवश्यक सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसके तोमर ने कहा कि इस तरह की मास्टरक्लास से छात्रों को न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी मिलता है, जिससे वे सामाजिक कार्य के क्षेत्र में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। चेयरपर्सन डॉ. पवन सिंह ने इस पहल को सामाजिक कार्य के छात्रों के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि परामर्श की समझ और इसके व्यावहारिक पहलू समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होंगे।
