
फरीदाबाद, जनतंत्र टुडे / अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ की एनएसएस इकाई द्वितीय की स्वयंसेविका नेहा और उनकी टुकड़ी प्रभारी डॉ. प्रियंका सहरावत को राष्ट्रीय एकता शिविर में रजत पदक से सम्मानित किया गया है। यह शिविर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद द्वारा उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार के तत्वावधान में दिनांक 12.11.24 से 18.11.24 तक आयोजित किया गया है। यह बड़े गर्व की बात है कि उन्होंने अपनी टुकड़ी प्रभारी डॉ. प्रियंका सहरावत के साथ इस शिविर में एम.डी
विश्वविद्यालय, रोहतक से हरियाणा राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। इस शिविर में
भारत भर के 15 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 40 विश्वविद्यालयों के 20
एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारियों के साथ लगभग 250 एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने
भाग लिया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य एनएसएस स्वयंसेवकों को भारत की
समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, हमारी विविध संस्कृति के इतिहास, भारत के बारे में
ज्ञान के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव से अवगत कराना और समाज सेवा के माध्यम
से राष्ट्र को एकीकृत करना और स्वयंसेवकों को भारत के विभिन्न हिस्सों से आने
वाले साथी सदस्यों के साथ बातचीत करने में सक्षम बनाना था। शिविर के सफल
आयोजन पर दोनों को रजत पदक, स्मृति चिन्ह तथा भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान
किए गए। विजय नड्डा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, विद्या भारती, उत्तर प्रदेश, डॉ. रणपाल
सिंह, कुलपति, सी.आर.एस. विश्वविद्यालय, जींद, श्री दिनेश कुमार, हरियाणा राज्य
एन.एस.एस. अधिकारी तथा डॉ. जितेंद्र कुमार, एन.एस.एस. कार्यक्रम समन्वयक,
सी.आर.एस. विश्वविद्यालय, जींद द्वारा शिविर के सफल आयोजन पर रजत पदक,
स्मृति चिन्ह तथा भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ के प्रधान (गवर्निंग बॉडी) श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता तथा एम.डी.यू., रोहतक की एन.एस.एस. कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सविता राठी ने उन्हें तथा उनकी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका सहरावत को बधाई दी तथा भविष्य में अनेक सफलताओं की कामना की। इस संबंध में अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने उनका स्वागत किया तथा ऐसे प्रतिष्ठित आयोजन में स्वयंसेवक तथा कार्यक्रम अधिकारी के चयन तथा न केवल कॉलेज बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने स्वयंसेविका और उसके कार्यक्रम अधिकारी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए
हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा अन्य स्वयंसेविकाओं को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने
के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उनमें राष्ट्रवाद और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना
पैदा हो।
