
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नोएडा :—- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के तहत जेएनपीटी–वैतरणा खंड के कमीशनिंग की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ाया है। डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने वैतरणा से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) तक लगभग 102 किलोमीटर लंबे नव-निर्मित डाउन ट्रैक का रेल कार से निरीक्षण किया।
यह निरीक्षण सीटीपी-11 खंड के शीघ्र कमीशनिंग की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ट्रैक की गुणवत्ता, पुलों व अन्य संरचनाओं, ओवरहेड इक्विपमेंट, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों की बारीकी से समीक्षा की गई, ताकि मालगाड़ियों के संचालन से पहले सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित की जा सके। जेएनपीटी-वैतरणा खंड, पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके चालू होने से देश के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट जेएनपीटी को प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब से तेज, सुरक्षित और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता भी बढ़ेगी।
निरीक्षण के दौरान डीएफसीसीआईएल के एमडी प्रवीण कुमार ने परियोजना में अब तक हुई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि टीम के समर्पण और मेहनत से यह महत्वपूर्ण चरण संभव हो पाया है और अब लक्ष्य है कि शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर ट्रैक को जल्द परिचालन के लिए तैयार किया जाए।
गौरतलब है कि वैतरणा से न्यू खारबाओ तक का करीब 30 किलोमीटर लंबा खंड पहले ही पूर्ण रूप से विद्युतीकृत किया जा चुका है, जहां 30 नवंबर 2025 को इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का सफल ट्रायल रन किया गया था। शेष विद्युतीकरण और सिग्नलिंग कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं।
इस अवसर पर निदेशक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) अनुराग शर्मा, कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं) संदीप श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (मुंबई) विकास कुमार सहित डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों-ईएफआरसी (टाटा प्रोजेक्ट्स), एलएंडटी, केपीआईएल और परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता के प्रतिनिधि भी निरीक्षण दल में शामिल थे।






